कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ८९ / २०४ № 89 of 204 रचना ८९ / २०४
२२ मई २०१५ 22 May 2015 २२ मई २०१५

माँगकर सम्मान पाने का चलन देखा यहाँ maangakar sammaan paane kaa chalan dekhaa yahaan माँगकर सम्मान पाने का चलन देखा यहाँ

माँगकर

सम्मान पाने,

का चलन देखा यहाँ

मान

अपना खुद घटाने, का चलन देखा यहाँ...

किस

तरह साहिल बचाए, डूबते को कर पकड़

साहिलों

को ही डुबाने, का चलन देखा यहाँ

इस

तरह सिक्के उछलते, हारते हर बार अबल

इनका

हक उनको दिलाने का, चलन देखा यहाँ

खुश

किसी को देखकर, खुश ये ज़माना कब हुआ?

कंठ

खुशियों का दबाने, का चलन देखा यहाँ

पूछता

कोई नहीं, क्या ख्वाहिशें हैं बाग की

ख़ुशबुओं

पर हक़ जताने, का चलन देखा यहाँ

नित्य

नव परिधान में इक घोषणा सजती मगर

घोषणाओं

पर न जाने का, चलन देखा यहाँ

परिजनों के, प्रिय वतन के, लाख दिल तड़पा

करें

दूरियों

से दिल लगाने का, चलन देखा यहाँ

वर

दिये विज्ञान ने पर “कल्पना” क्या कीजिये

चाबियाँ

उलटी घुमाने का, चलन देखा यहाँ!

-कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

maangakar

sammaan paane,

kaa chalan dekhaa yahaan

·

maan

apanaa khud ghataane, kaa chalan dekhaa yahaan

·

kis

tarah saahil bachaae, doobate ko kar pakad

·

saahilon

ko hee dubaane, kaa chalan dekhaa yahaan

·

is

tarah sikke uchalate, haarate har baar abal

·

inakaa

hak unako dilaane kaa, chalan dekhaa yahaan

·

khush

kisee ko dekhakar, khush ye zamaanaa kab huaa?

·

kanth

khushiyon kaa dabaane, kaa chalan dekhaa yahaan

·

poochataa

koee naheen, kyaa khvaahishen hain baag kee

·

kushabuon

par haq jataane, kaa chalan dekhaa yahaan

·

nity

naw paridhaan men ik ghoshanaa sajatee magar

·

ghoshanaaon

par n jaane kaa, chalan dekhaa yahaan

·

parijanon ke, priy watan ke, laakh dil tadapaa

karen

·

dooriyon

se dil lagaane kaa, chalan dekhaa yahaan

·

war

diye wijnaan ne par “kalpanaa” kyaa keejiye

·

chaabiyaan

ulatee ghumaane kaa, chalan dekhaa yahaan!

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

माँगकर

सम्मान पाने,

का चलन देखा यहाँ

मान

अपना खुद घटाने, का चलन देखा यहाँ...

किस

तरह साहिल बचाए, डूबते को कर पकड़

साहिलों

को ही डुबाने, का चलन देखा यहाँ

इस

तरह सिक्के उछलते, हारते हर बार अबल

इनका

हक उनको दिलाने का, चलन देखा यहाँ

खुश

किसी को देखकर, खुश ये ज़माना कब हुआ?

कंठ

खुशियों का दबाने, का चलन देखा यहाँ

पूछता

कोई नहीं, क्या ख्वाहिशें हैं बाग की

ख़ुशबुओं

पर हक़ जताने, का चलन देखा यहाँ

नित्य

नव परिधान में इक घोषणा सजती मगर

घोषणाओं

पर न जाने का, चलन देखा यहाँ

परिजनों के, प्रिय वतन के, लाख दिल तड़पा

करें

दूरियों

से दिल लगाने का, चलन देखा यहाँ

वर

दिये विज्ञान ने पर “कल्पना” क्या कीजिये

चाबियाँ

उलटी घुमाने का, चलन देखा यहाँ!

-कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗