कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना ६६ / ११४ № 66 of 114 रचना ६६ / ११४
२८ दिसम्बर २०१७ 28 December 2017 २८ दिसम्बर २०१७

आसमान भी रोता होगा aasamaan bhee rotaa hogaa आसमान भी रोता होगा

सुविधा

नन्हें सुजान को गोद में लिए कमरे की खिड़की से एकटक आसमान को निहार रही थी कि

अचानक एक तारा टूटकर शून्य में विलीन हो गया. घबराकर सुविधा ने बेटे को अपनी

बाँहों में भींच लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगी.

माँ

के अचानक फोन करके बताने पर कि उसके पिताजी की तबियत अचानक बिगड़ गई है और वो

अस्पताल में भर्ती हैं, तो

अपने कार्यालय से एक सप्ताह की छुट्टी लेकर सुविधा इंदौर अपने पिता

suwidhaa

nanhen sujaan ko god men lie kamare kee khidakee se ekatak aasamaan ko nihaar rahee thee ki

achaanak ek taaraa tootakar shoony men wileen ho gayaa ghabaraakar suwidhaa ne bete ko apanee

baanhon men bheench liyaa aur use betahaashaa choomane lagee

·

maan

ke achaanak phon karake bataane par ki usake pitaajee kee tabiyat achaanak bigad gaee hai aur wo

aspataal men bhartee hain, to

apane kaaryaalay se ek saptaah kee chuttee lekar suwidhaa indaur apane pitaa

सुविधा

नन्हें सुजान को गोद में लिए कमरे की खिड़की से एकटक आसमान को निहार रही थी कि

अचानक एक तारा टूटकर शून्य में विलीन हो गया. घबराकर सुविधा ने बेटे को अपनी

बाँहों में भींच लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगी.

माँ

के अचानक फोन करके बताने पर कि उसके पिताजी की तबियत अचानक बिगड़ गई है और वो

अस्पताल में भर्ती हैं, तो

अपने कार्यालय से एक सप्ताह की छुट्टी लेकर सुविधा इंदौर अपने पिता

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗