कुमार रवीन्द्र का नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर'/शोध पत्र kumaar raweendr kaa nawageet sangrah 'pankh bikhare ret par'/shodh patr कुमार रवीन्द्र का नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर'/शोध पत्र
कल्पना रामानी
कुमार रवीन्द्र
नवगीत
परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्र,
कुमार
रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत
पर' में
धूप
की विभिन्न छवियाँ
यह
सर्वविदित तथ्य है कि प्रकृति साहित्य के हर काल और हर वाद में हर विधा की कविताओं
का विशेष अंग रही है,
kalpanaa raamaanee
kumaar raweendr
nawageet
parisanvaad-2015 men pढ़aa gayaa shodh-patr,
kumaar
raweendr ke nawageet sangrah 'pankh bikhare ret
par' men
dhoop
kee wibhinn chawiyaan
yah
sarvawidit tathy hai ki prakriiti saahity ke har kaal aur har waad men har widhaa kee kawitaaon
kaa wishesh ang rahee hai,
कल्पना रामानी
कुमार रवीन्द्र
नवगीत
परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्र,
कुमार
रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत
पर' में
धूप
की विभिन्न छवियाँ
यह
सर्वविदित तथ्य है कि प्रकृति साहित्य के हर काल और हर वाद में हर विधा की कविताओं
का विशेष अंग रही है,