पिकनिक/कहानी pikanik/kahaanee पिकनिक/कहानी
निम्मो दीदी आ गई...
निम्मो दीदी आ गई...
दूर
से ही ताँगे की आवाज़ सुनकर एक ने दूसरे के,
दूसरे ने तीसरे के कानों में उड़-उड़ कर खबर फूँकी और पलक झपकते ही बच्चों की ख़ासी
वानर सेना किसान कॉलोनी के उपाध्याय-भवन के गेट के पास एकत्र हो गई।
ज्योंही
ताँगा रुका सभी बच्चे कूद फाँद कर सामान उतारने लग गए और निर्मला जब तक ताँगे वाले
को पैसे देती, उसका सामान अंदर भी पहुँच गया और
उसे इसका
nimmo deedee aa gaee
nimmo deedee aa gaee
door
se hee taange kee aawaaz sunakar ek ne doosare ke,
doosare ne teesare ke kaanon men ud-ud kar khabar phoonkee aur palak jhapakate hee bachchon kee kaasee
waanar senaa kisaan kॉlonee ke upaadhyaay-bhawan ke get ke paas ekatr ho gaee
jyonhee
taangaa rukaa sabhee bachche kood phaand kar saamaan utaarane lag gae aur nirmalaa jab tak taange waale
ko paise detee, usakaa saamaan andar bhee pahunch gayaa aur
use isakaa
निम्मो दीदी आ गई...
निम्मो दीदी आ गई...
दूर
से ही ताँगे की आवाज़ सुनकर एक ने दूसरे के,
दूसरे ने तीसरे के कानों में उड़-उड़ कर खबर फूँकी और पलक झपकते ही बच्चों की ख़ासी
वानर सेना किसान कॉलोनी के उपाध्याय-भवन के गेट के पास एकत्र हो गई।
ज्योंही
ताँगा रुका सभी बच्चे कूद फाँद कर सामान उतारने लग गए और निर्मला जब तक ताँगे वाले
को पैसे देती, उसका सामान अंदर भी पहुँच गया और
उसे इसका