काश! बेटियाँ होतीं kaash! betiyaan hoteen काश! बेटियाँ होतीं
अरे छाया! तुम यहाँ?
“हाँ ज्योति, मेरा विवाह इसी शहर में हुआ है लेकिन
तुम...?
“मेरा भी, छाया...”, ज्योति हँसकर बोली।
बचपन
की सहेलियाँ छाया और ज्योति इस समय शहर के माल में अपने-अपने पति के साथ खरीदारी
करने आई हुई थीं, और एक ही स्टॉल पर खरीददारी करते हुए
ज्योति की नज़र छाया पर पड़ गई। खड़े खड़े ही खूब बातें हुईं फिर दोनों ने अपने-अपने
पतियों का परिचय भी अपनी-अपनी सहेली से करवाया और एक दूसरे
are chaayaa! tum yahaan?
“haan jyoti, meraa wiwaah isee shahar men huaa hai lekin
tum?
“meraa bhee, chaayaa”, jyoti hansakar bolee
bachapan
kee saheliyaan chaayaa aur jyoti is samay shahar ke maal men apane-apane pati ke saath khareedaaree
karane aaee huee theen, aur ek hee stॉl par khareedadaaree karate hue
jyoti kee nazar chaayaa par pad gaee khade khade hee khoob baaten hueen phir donon ne apane-apane
patiyon kaa parichay bhee apanee-apanee sahelee se karawaayaa aur ek doosare
अरे छाया! तुम यहाँ?
“हाँ ज्योति, मेरा विवाह इसी शहर में हुआ है लेकिन
तुम...?
“मेरा भी, छाया...”, ज्योति हँसकर बोली।
बचपन
की सहेलियाँ छाया और ज्योति इस समय शहर के माल में अपने-अपने पति के साथ खरीदारी
करने आई हुई थीं, और एक ही स्टॉल पर खरीददारी करते हुए
ज्योति की नज़र छाया पर पड़ गई। खड़े खड़े ही खूब बातें हुईं फिर दोनों ने अपने-अपने
पतियों का परिचय भी अपनी-अपनी सहेली से करवाया और एक दूसरे