कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना ९३ / ११४ № 93 of 114 रचना ९३ / ११४
१९ दिसम्बर २०१९ 19 December 2019 १९ दिसम्बर २०१९

वापसी टिकट -कहानी waapasee tikat -kahaanee वापसी टिकट -कहानी

गाड़ी जैसे ही प्लेटफोर्म पर रुकी, विचारों के जाल में उलझे मनोज ने तेज़ी से अपना बैग उठाकर कंधे पर टांगा और हाथ में एक पीले रंग की कपड़े की पोटली में बंधा हुआ मृत पिता का अस्थि-कलश सावधानी पूर्वक उठाकर तेज़ी से कदम बढ़ाए. उसके साथ उसका हम उमर ममेरा भाई भानु भी था. वो निकट के शहर से अपने माँ-पिता के साथ ही गमी में शामिल होने चला आया था ताकि पिता की अचानक मृत्यु से दुखी मनोज के साथ

gaadee jaise hee pletaphorm par rukee, wichaaron ke jaal men ulajhe manoj ne tezee se apanaa baig uthaakar kandhe par taangaa aur haath men ek peele rang kee kapade kee potalee men bandhaa huaa mriit pitaa kaa asthi-kalash saawadhaanee poorvak uthaakar tezee se kadam bढ़aae usake saath usakaa ham umar mameraa bhaaee bhaanu bhee thaa wo nikat ke shahar se apane maan-pitaa ke saath hee gamee men shaamil hone chalaa aayaa thaa taaki pitaa kee achaanak mriityu se dukhee manoj ke saath

गाड़ी जैसे ही प्लेटफोर्म पर रुकी, विचारों के जाल में उलझे मनोज ने तेज़ी से अपना बैग उठाकर कंधे पर टांगा और हाथ में एक पीले रंग की कपड़े की पोटली में बंधा हुआ मृत पिता का अस्थि-कलश सावधानी पूर्वक उठाकर तेज़ी से कदम बढ़ाए. उसके साथ उसका हम उमर ममेरा भाई भानु भी था. वो निकट के शहर से अपने माँ-पिता के साथ ही गमी में शामिल होने चला आया था ताकि पिता की अचानक मृत्यु से दुखी मनोज के साथ

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗