कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना ९२ / ११४ № 92 of 114 रचना ९२ / ११४
१९ दिसम्बर २०१९ 19 December 2019 १९ दिसम्बर २०१९

कहानी अमन-वन की kahaanee aman-wan kee कहानी अमन-वन की

गाड़ी आगे बढ़ी जा रही थी और विचारों में डूबी हुई सरला देवी के अंतर्मन का एक हिस्सा पीछे छूटती हुई वस्तुओं के साथ ही छूटा जा रहा था। उसने ठंडी साँस लेकर सीट पर पैर फैलाए ही थे कि बहू की आवाज़ से उसका ध्यान टूट गया.“माँ जी, आप भोजन कर लीजिये, मैं अवि को खिला देती हूँ फिर उसे अपने पास ही सुला दीजियेगा...निखिल और मैं बाद में खा लेंगे”सरला देवी ने चुपचाप भोजन ग्रहण करके अपने छः वर्षीय पोते अविनाश

gaadee aage bढ़ee jaa rahee thee aur wichaaron men doobee huee saralaa dewee ke antarman kaa ek hissaa peeche chootatee huee wastuon ke saath hee chootaa jaa rahaa thaa usane thandee saans lekar seet par pair phailaae hee the ki bahoo kee aawaaz se usakaa dhyaan toot gayaa“maan jee, aap bhojan kar leejiye, main awi ko khilaa detee hoon phir use apane paas hee sulaa deejiyegaanikhil aur main baad men khaa lenge”saralaa dewee ne chupachaap bhojan grahan karake apane chah warsheey pote awinaash

गाड़ी आगे बढ़ी जा रही थी और विचारों में डूबी हुई सरला देवी के अंतर्मन का एक हिस्सा पीछे छूटती हुई वस्तुओं के साथ ही छूटा जा रहा था। उसने ठंडी साँस लेकर सीट पर पैर फैलाए ही थे कि बहू की आवाज़ से उसका ध्यान टूट गया.“माँ जी, आप भोजन कर लीजिये, मैं अवि को खिला देती हूँ फिर उसे अपने पास ही सुला दीजियेगा...निखिल और मैं बाद में खा लेंगे”सरला देवी ने चुपचाप भोजन ग्रहण करके अपने छः वर्षीय पोते अविनाश

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗