कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना १७ / ६३ № 17 of 63 रचना १७ / ६३
३ दिसम्बर २०१२ 3 December 2012 ३ दिसम्बर २०१२

शीतल रानी मैं तुम्हें... sheetal raanee main tumhen शीतल रानी मैं तुम्हें...

शीतल रानी मैं तुम्हें, दूँगी अपना वोट।

जो अभाव से ग्रस्त हैं, करो न उनपर चोट।

करो न उनपर चोट, बड़े शहरों में जाओ

जो साधन सम्पन्न, उन्हीं से तुम बतियाओ।

दुखियों का दो साथ, करो मत आनाकानी

दूँगी अपना वोट, तुम्हें मैं शीतल

रानी।

वहाँ न जाना शीत तुम, दीन बसे जिस ओर।

चिथड़ों में लिपटे हुए, काट रहे हों

भोर।

काट रहे हों भोर, न कोई छप्पर सिर

पर

फिरते नंगे पाँव, पेट ही

sheetal raanee main tumhen, doongee apanaa wot

·

jo abhaaw se grast hain, karo n unapar chot

·

karo n unapar chot, bade shaharon men jaao

·

jo saadhan sampann, unheen se tum batiyaao

·

dukhiyon kaa do saath, karo mat aanaakaanee

·

doongee apanaa wot, tumhen main sheetal

raanee

·

wahaan n jaanaa sheet tum, deen base jis or

·

chithadon men lipate hue, kaat rahe hon

bhor

·

kaat rahe hon bhor, n koee chappar sir

par

·

phirate nange paanv, pet hee

शीतल रानी मैं तुम्हें, दूँगी अपना वोट।

जो अभाव से ग्रस्त हैं, करो न उनपर चोट।

करो न उनपर चोट, बड़े शहरों में जाओ

जो साधन सम्पन्न, उन्हीं से तुम बतियाओ।

दुखियों का दो साथ, करो मत आनाकानी

दूँगी अपना वोट, तुम्हें मैं शीतल

रानी।

वहाँ न जाना शीत तुम, दीन बसे जिस ओर।

चिथड़ों में लिपटे हुए, काट रहे हों

भोर।

काट रहे हों भोर, न कोई छप्पर सिर

पर

फिरते नंगे पाँव, पेट ही

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗