शीतल रानी मैं तुम्हें... sheetal raanee main tumhen शीतल रानी मैं तुम्हें...
शीतल रानी मैं तुम्हें, दूँगी अपना वोट।
जो अभाव से ग्रस्त हैं, करो न उनपर चोट।
करो न उनपर चोट, बड़े शहरों में जाओ
जो साधन सम्पन्न, उन्हीं से तुम बतियाओ।
दुखियों का दो साथ, करो मत आनाकानी
दूँगी अपना वोट, तुम्हें मैं शीतल
रानी।
वहाँ न जाना शीत तुम, दीन बसे जिस ओर।
चिथड़ों में लिपटे हुए, काट रहे हों
भोर।
काट रहे हों भोर, न कोई छप्पर सिर
पर
फिरते नंगे पाँव, पेट ही
sheetal raanee main tumhen, doongee apanaa wot
jo abhaaw se grast hain, karo n unapar chot
karo n unapar chot, bade shaharon men jaao
jo saadhan sampann, unheen se tum batiyaao
dukhiyon kaa do saath, karo mat aanaakaanee
doongee apanaa wot, tumhen main sheetal
raanee
wahaan n jaanaa sheet tum, deen base jis or
chithadon men lipate hue, kaat rahe hon
bhor
kaat rahe hon bhor, n koee chappar sir
par
phirate nange paanv, pet hee
शीतल रानी मैं तुम्हें, दूँगी अपना वोट।
जो अभाव से ग्रस्त हैं, करो न उनपर चोट।
करो न उनपर चोट, बड़े शहरों में जाओ
जो साधन सम्पन्न, उन्हीं से तुम बतियाओ।
दुखियों का दो साथ, करो मत आनाकानी
दूँगी अपना वोट, तुम्हें मैं शीतल
रानी।
वहाँ न जाना शीत तुम, दीन बसे जिस ओर।
चिथड़ों में लिपटे हुए, काट रहे हों
भोर।
काट रहे हों भोर, न कोई छप्पर सिर
पर
फिरते नंगे पाँव, पेट ही