कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ५ / १६४ № 5 of 164 रचना ५ / १६४
८ दिसम्बर २०१२ 8 December 2012 ८ दिसम्बर २०१२

प्यारे हरसिंगार pyaare harasingaar प्यारे हरसिंगार

याद बहुत आता है मुझको

॥

बचपन का संसार।

॥

तब तुम मेरे प्रथम मीत थे

॥

प्यारे हरसिंगार।

॥

तुम्हें उगाकर बड़े जतन से

॥

दूर रखा था हाथ छुअन से

॥

परछाई से छाया करके

॥

सदा बचाया धूप चुभन से।

॥

बढ़े,खिले, झर उठे अँगन में

॥

आई नई बहार।

॥

कितने सुंदर वे दिन बीते।

॥

थक जाती थी कलियाँ गिनते

॥

कितनी रातें, कितनी बातें?

॥

तुमसे की थीं चुनते चुनते।

yaad bahut aataa hai mujhako

·

bachapan kaa sansaar

·

tab tum mere pratham meet the

·

pyaare harasingaar

·

tumhen ugaakar bade jatan se

·

door rakhaa thaa haath chuan se

·

parachaaee se chaayaa karake

·

sadaa bachaayaa dhoop chubhan se

·

bढ़e,khile, jhar uthe angan men

·

aaee naee bahaar

·

kitane sundar we din beete

·

thak jaatee thee kaliyaan ginate

·

kitanee raaten, kitanee baaten?

·

tumase kee theen chunate chunate

याद बहुत आता है मुझको

॥

बचपन का संसार।

॥

तब तुम मेरे प्रथम मीत थे

॥

प्यारे हरसिंगार।

॥

तुम्हें उगाकर बड़े जतन से

॥

दूर रखा था हाथ छुअन से

॥

परछाई से छाया करके

॥

सदा बचाया धूप चुभन से।

॥

बढ़े,खिले, झर उठे अँगन में

॥

आई नई बहार।

॥

कितने सुंदर वे दिन बीते।

॥

थक जाती थी कलियाँ गिनते

॥

कितनी रातें, कितनी बातें?

॥

तुमसे की थीं चुनते चुनते।

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗