कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ५ / १६३ № 5 of 163 रचना ५ / १६३
८ दिसम्बर २०१२ 8 December 2012 ८ दिसम्बर २०१२

प्यारे हरसिंगार pyaare harasingaar प्यारे हरसिंगार

याद बहुत आता है मुझको

बचपन का संसार।

तब तुम मेरे प्रथम मीत थे

प्यारे हरसिंगार।

तुम्हें उगाकर बड़े जतन से

दूर रखा था हाथ छुअन से

परछाई से छाया करके

सदा बचाया धूप चुभन से।

बढ़े,खिले, झर उठे अँगन में

आई नई बहार।

कितने सुंदर वे दिन बीते।

थक जाती थी कलियाँ गिनते

कितनी रातें, कितनी बातें?

तुमसे की थीं चुनते चुनते।

yaad bahut aataa hai mujhako

·

bachapan kaa sansaar

·

tab tum mere pratham meet the

·

pyaare harasingaar

·

tumhen ugaakar bade jatan se

·

door rakhaa thaa haath chuan se

·

parachaaee se chaayaa karake

·

sadaa bachaayaa dhoop chubhan se

·

bढ़e,khile, jhar uthe angan men

·

aaee naee bahaar

·

kitane sundar we din beete

·

thak jaatee thee kaliyaan ginate

·

kitanee raaten, kitanee baaten?

·

tumase kee theen chunate chunate

याद बहुत आता है मुझको

बचपन का संसार।

तब तुम मेरे प्रथम मीत थे

प्यारे हरसिंगार।

तुम्हें उगाकर बड़े जतन से

दूर रखा था हाथ छुअन से

परछाई से छाया करके

सदा बचाया धूप चुभन से।

बढ़े,खिले, झर उठे अँगन में

आई नई बहार।

कितने सुंदर वे दिन बीते।

थक जाती थी कलियाँ गिनते

कितनी रातें, कितनी बातें?

तुमसे की थीं चुनते चुनते।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗