खेतों ने खत लिखा kheton ne khat likhaa खेतों ने खत लिखा
खेतों ने ख़त लिखा सूर्य को
भेजो नव किरणों का डोला।
हम तो हिमयुग झेल चुके
अब ले जाओ कुहरा भर झोला।
कुंद हुई सरसों की धड़कन
पाले ने उसको है पीटा
ज़िंदा है बस इसी आस में
धूप मारने आए छींटा
धडक उठेंगी फिर से साँसें
ज्यों मौसम बदलेगा चोला।
देखो उस टपरी में अम्मा
तन से तन को ताप रही है
आधी उधड़ी ओढ़ रजाई
खींच-खींच कर नाप रही है
जर्जर गात, कुहासा कहरी
वेध रहा बनकर हथगोला
खोलो अपनी बंद मुट्ठियाँ
दो हाथों से धूप लुटाओ
शीत फाँकते जन जीवन पर
करुणानिधि! करुणा बरसाओ
देव! छोड़ दो अब तो होना
पल में माशा, पल में तोला।
kheton ne kat likhaa soory ko
bhejo naw kiranon kaa dolaa
ham to himayug jhel chuke
ab le jaao kuharaa bhar jholaa
kund huee sarason kee dhadakan
paale ne usako hai peetaa
zindaa hai bas isee aas men
dhoop maarane aae cheentaa
dhadak uthengee phir se saansen
jyon mausam badalegaa cholaa
dekho us taparee men ammaa
tan se tan ko taap rahee hai
aadhee udhadee oढ़ rajaaee
kheench-kheench kar naap rahee hai
jarjar gaat, kuhaasaa kaharee
wedh rahaa banakar hathagolaa
kholo apanee band mutthiyaan
do haathon se dhoop lutaao
sheet phaankate jan jeewan par
karunaanidhi! karunaa barasaao
dew! chod do ab to honaa
pal men maashaa, pal men tolaa
खेतों ने ख़त लिखा सूर्य को
भेजो नव किरणों का डोला।
हम तो हिमयुग झेल चुके
अब ले जाओ कुहरा भर झोला।
कुंद हुई सरसों की धड़कन
पाले ने उसको है पीटा
ज़िंदा है बस इसी आस में
धूप मारने आए छींटा
धडक उठेंगी फिर से साँसें
ज्यों मौसम बदलेगा चोला।
देखो उस टपरी में अम्मा
तन से तन को ताप रही है
आधी उधड़ी ओढ़ रजाई
खींच-खींच कर नाप रही है
जर्जर गात, कुहासा कहरी
वेध रहा बनकर हथगोला
खोलो अपनी बंद मुट्ठियाँ
दो हाथों से धूप लुटाओ
शीत फाँकते जन जीवन पर
करुणानिधि! करुणा बरसाओ
देव! छोड़ दो अब तो होना
पल में माशा, पल में तोला।