कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १९९ / २०४ № 199 of 204 रचना १९९ / २०४
१५ जनवरी २०२१ 15 January 2021 १५ जनवरी २०२१

चाँदनी हिंदी हमारी- हिंदी ग़ज़ल chaandanee hindee hamaaree- hindee gazal चाँदनी हिंदी हमारी- हिंदी ग़ज़ल

भव्य भारत के फ़लक की

चाँदनी हिन्दी हमारी।

कर रही रोशन भुवन को

भारती हिन्दी हमारी।

लय सुरों के साथ बचपन

में सिखाए जिसने आखर

आज तक वो इस हृदय में

है बसी हिन्दी हमारी।

मातृ-भू की अस्मिता पर

शत्रु जब हावी हुए थे

साथ थी हर जंग में यह

लाड़ली हिन्दी हमारी।

बंद मुख इसका किया करते

थे जो अब सिर झुकाते।

हर सभा में हो मुखर जब

बोलती हिन्दी हमारी।

मान देती जो इसे, देशी-

विदेशी कोई भाषा

मानती सम्मान से

उसको सखी हिन्दी हमारी।

विश्व में गहराइयों तक

जम चुकी इसकी जड़ें हैं

छाँव जग को दे रही

वट वृक्ष सी हिन्दी हमारी।

गीत, गज़लें, छंद, कविताएँ

इसी से हैं अलंकृत

प्राण भरती हर विधा में

सुरसई हिन्दी हमारी।

कैद जिनने था किया

इसको वे अब मायूस से हैं

तोड़ पिंजड़ा उड़ रही

नभ में परी हिन्दी हमारी

यह नहीं चेरी किसी की

राज सदियों तक करेगी

‘कल्पना’ रानी सदा है

सुंदरी हिन्दी हमारी

bhavy bhaarat ke falak kee

chaandanee hindee hamaaree

kar rahee roshan bhuwan ko

bhaaratee hindee hamaaree

·

lay suron ke saath bachapan

men sikhaae jisane aakhar

aaj tak wo is hriiday men

hai basee hindee hamaaree

·

maatrii-bhoo kee asmitaa par

shatru jab haawee hue the

saath thee har jang men yah

laadalee hindee hamaaree

·

band mukh isakaa kiyaa karate

the jo ab sir jhukaate

har sabhaa men ho mukhar jab

bolatee hindee hamaaree

·

maan detee jo ise, deshee-

wideshee koee bhaashaa

maanatee sammaan se

usako sakhee hindee hamaaree

·

wishv men gaharaaiyon tak

jam chukee isakee jaden hain

chaanv jag ko de rahee

wat wriiksh see hindee hamaaree

·

geet, gazalen, chand, kawitaaen

isee se hain alankriit

praan bharatee har widhaa men

surasaee hindee hamaaree

·

kaid jinane thaa kiyaa

isako we ab maayoos se hain

tod pinjadaa ud rahee

nabh men paree hindee hamaaree

·

yah naheen cheree kisee kee

raaj sadiyon tak karegee

‘kalpanaa’ raanee sadaa hai

sundaree hindee hamaaree

भव्य भारत के फ़लक की

चाँदनी हिन्दी हमारी।

कर रही रोशन भुवन को

भारती हिन्दी हमारी।

लय सुरों के साथ बचपन

में सिखाए जिसने आखर

आज तक वो इस हृदय में

है बसी हिन्दी हमारी।

मातृ-भू की अस्मिता पर

शत्रु जब हावी हुए थे

साथ थी हर जंग में यह

लाड़ली हिन्दी हमारी।

बंद मुख इसका किया करते

थे जो अब सिर झुकाते।

हर सभा में हो मुखर जब

बोलती हिन्दी हमारी।

मान देती जो इसे, देशी-

विदेशी कोई भाषा

मानती सम्मान से

उसको सखी हिन्दी हमारी।

विश्व में गहराइयों तक

जम चुकी इसकी जड़ें हैं

छाँव जग को दे रही

वट वृक्ष सी हिन्दी हमारी।

गीत, गज़लें, छंद, कविताएँ

इसी से हैं अलंकृत

प्राण भरती हर विधा में

सुरसई हिन्दी हमारी।

कैद जिनने था किया

इसको वे अब मायूस से हैं

तोड़ पिंजड़ा उड़ रही

नभ में परी हिन्दी हमारी

यह नहीं चेरी किसी की

राज सदियों तक करेगी

‘कल्पना’ रानी सदा है

सुंदरी हिन्दी हमारी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗