सुनो सलोनी -गीत suno salonee -geet सुनो सलोनी -गीत
गीत
सुनो सलोनी!
कहो सुनयना!
आमों-बाग़ मचे हो हल्ले।
छोड़ो मिर्च, ओखली, मूसल
ओढ़ दुपट्टा, डालो चप्पल
मुखड़े को दर्पण दिखला दो
पोंछ पसीना बहता कलकल
दरवाजे पर जड़ दो ताला
उड़काकर खिड़की के पल्ले
पेड़ों चढ़ी खुमारी होगी
डाल-डाल तन भारी होगी
अमराई के पोर-पोर पर
बौरों की फुलकारी होगी
कुहुक रही होगी कोयलिया
चूस आम रस भरे मुटल्ले
मौसम कुछ मदमाता होगा
गुन-गुन गीत सुनाता होगा
और धूप के हाथों में भी
शीत छाँव का छाता होगा
नृत्य भांगड़ा करता होगा
जाट बिजूखा बल्ले बल्ले
करें आज कुछ अपने मन की
चलकर लुत्फ उठाएँ हम भी
अरी सलोनी यों ही इक दिन
बेदम हो जाएगा दम ही
फिर तो वही खिंचाई, खटपट
वही द्वार, घर, गली-मुहल्ले
geet
suno salonee!
kaho sunayanaa!
aamon-baag mache ho halle
chodo mirch, okhalee, moosal
oढ़ dupattaa, daalo chappal
mukhade ko darpan dikhalaa do
ponch paseenaa bahataa kalakal
darawaaje par jad do taalaa
udakaakar khidakee ke palle
pedon chढ़ee khumaaree hogee
daal-daal tan bhaaree hogee
amaraaee ke por-por par
bauron kee phulakaaree hogee
kuhuk rahee hogee koyaliyaa
choos aam ras bhare mutalle
mausam kuch madamaataa hogaa
gun-gun geet sunaataa hogaa
aur dhoop ke haathon men bhee
sheet chaanv kaa chaataa hogaa
nriity bhaangadaa karataa hogaa
jaat bijookhaa balle balle
karen aaj kuch apane man kee
chalakar lutph uthaaen ham bhee
aree salonee yon hee ik din
bedam ho jaaegaa dam hee
phir to wahee khinchaaee, khatapat
wahee dvaar, ghar, galee-muhalle
गीत
सुनो सलोनी!
कहो सुनयना!
आमों-बाग़ मचे हो हल्ले।
छोड़ो मिर्च, ओखली, मूसल
ओढ़ दुपट्टा, डालो चप्पल
मुखड़े को दर्पण दिखला दो
पोंछ पसीना बहता कलकल
दरवाजे पर जड़ दो ताला
उड़काकर खिड़की के पल्ले
पेड़ों चढ़ी खुमारी होगी
डाल-डाल तन भारी होगी
अमराई के पोर-पोर पर
बौरों की फुलकारी होगी
कुहुक रही होगी कोयलिया
चूस आम रस भरे मुटल्ले
मौसम कुछ मदमाता होगा
गुन-गुन गीत सुनाता होगा
और धूप के हाथों में भी
शीत छाँव का छाता होगा
नृत्य भांगड़ा करता होगा
जाट बिजूखा बल्ले बल्ले
करें आज कुछ अपने मन की
चलकर लुत्फ उठाएँ हम भी
अरी सलोनी यों ही इक दिन
बेदम हो जाएगा दम ही
फिर तो वही खिंचाई, खटपट
वही द्वार, घर, गली-मुहल्ले