नए साल ने कहा नमस्ते nae saal ne kahaa namaste नए साल ने कहा नमस्ते
नए
साल ने कहा नमस्ते
बजी
भुवन में चैन
बाँसुरी।
बना
क्रूर कोहरा हमजोली
जाग
उठा जगती का कण-कण
नवांकुरों
ने पलकें खोलीं
पुष्प-पुष्प
में हुआ परागण
सूरज
आया हँसते-हँसते
बाँटी
भर-भर धूप-
अंजुरी।
पुरवा, द्वार दुआ ले आई
टलीं
बलाएँ क्रूर-काल की
सजल-नयन
कर विदा विगत को
सजी
सवारी नए साल की
बढ़े
खल-कदम भी शुभ रस्ते
छोड़
सनातन वृत्ति
आसुरी।
खेत
और खलिहानों
nae
saal ne kahaa namaste
bajee
bhuwan men chain
baansuree
banaa
kroor koharaa hamajolee
jaag
uthaa jagatee kaa kan-kan
nawaankuron
ne palaken kholeen
pushp-pushp
men huaa paraagan
sooraj
aayaa hansate-hansate
baantee
bhar-bhar dhoop-
anjuree
purawaa, dvaar duaa le aaee
taleen
balaaen kroor-kaal kee
sajal-nayan
kar widaa wigat ko
sajee
sawaaree nae saal kee
bढ़e
khal-kadam bhee shubh raste
chod
sanaatan wriitti
aasuree
khet
aur khalihaanon
नए
साल ने कहा नमस्ते
बजी
भुवन में चैन
बाँसुरी।
बना
क्रूर कोहरा हमजोली
जाग
उठा जगती का कण-कण
नवांकुरों
ने पलकें खोलीं
पुष्प-पुष्प
में हुआ परागण
सूरज
आया हँसते-हँसते
बाँटी
भर-भर धूप-
अंजुरी।
पुरवा, द्वार दुआ ले आई
टलीं
बलाएँ क्रूर-काल की
सजल-नयन
कर विदा विगत को
सजी
सवारी नए साल की
बढ़े
खल-कदम भी शुभ रस्ते
छोड़
सनातन वृत्ति
आसुरी।
खेत
और खलिहानों