नया कैलेण्डर nayaa kailendar नया कैलेण्डर
सुगम-काल
की अगम-आस में
मैंने
भी फिर उसी कील पर
नया
कैलेंडर
टाँग
दिया।
अच्छे
दिन कर पार भँवर को
तिर
जाएँ यह हो सकता है।
वही
चखेगा फल मीठे जो
श्रम
बीजों को बो सकता है।
तट
पाने की चरम चाह में
मन
नौका ने पाल तानकर
भरे
जलधि को
लाँघ
लिया।
दीप
देखकर तूफां अपना
रुख
बदले, यह नहीं असंभव।
घोर
तिमिर से ही तो होता
बलशाली
किरणों का उद्भव!
कर्म-ज्योति
का
sugam-kaal
kee agam-aas men
mainne
bhee phir usee keel par
nayaa
kailendar
taang
diyaa
achche
din kar paar bhanvar ko
tir
jaaen yah ho sakataa hai
wahee
chakhegaa phal meethe jo
shram
beejon ko bo sakataa hai
tat
paane kee charam chaah men
man
naukaa ne paal taanakar
bhare
jaladhi ko
laangh
liyaa
deep
dekhakar toophaan apanaa
rukh
badale, yah naheen asanbhaw
ghor
timir se hee to hotaa
balashaalee
kiranon kaa udbhaw!
karm-jyoti
kaa
सुगम-काल
की अगम-आस में
मैंने
भी फिर उसी कील पर
नया
कैलेंडर
टाँग
दिया।
अच्छे
दिन कर पार भँवर को
तिर
जाएँ यह हो सकता है।
वही
चखेगा फल मीठे जो
श्रम
बीजों को बो सकता है।
तट
पाने की चरम चाह में
मन
नौका ने पाल तानकर
भरे
जलधि को
लाँघ
लिया।
दीप
देखकर तूफां अपना
रुख
बदले, यह नहीं असंभव।
घोर
तिमिर से ही तो होता
बलशाली
किरणों का उद्भव!
कर्म-ज्योति
का