कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ५० / १६४ № 50 of 164 रचना ५० / १६४
३० दिसम्बर २०१३ 30 December 2013 ३० दिसम्बर २०१३

नव वर्ष आया naw warsh aayaa नव वर्ष आया

एक पावन मंत्र गूँजा

॥

नेह का नवगीत बनकर

॥

शंख से बोला बजो

॥

नव वर्ष आया।

॥

शांत कोहरे ने बनाया

॥

आसमां में इक झरोखा।

॥

गुनगुनी सी धूप ने

॥

शीतल हवा का वेग रोका।

॥

एक अंकुर प्रात फूटा

॥

हर अँगन में प्रीत बनकर।

॥

नींद से बोला उठो

॥

नव वर्ष आया।

॥

नीड़ अपना छोड़ चिड़ियाँ

॥

पर पसारे चहचहाईं।

॥

डाल चटकीं चारु कलियाँ

॥

भँवरों से नज़रें मिलाईं।

॥

एक निश्चय पुनः पनपा

॥

हर नयन में जीत बनकर।

॥

कर पकड़

ek paawan mantr goonjaa

·

neh kaa nawageet banakar

·

shankh se bolaa bajo

·

naw warsh aayaa

·

shaant kohare ne banaayaa

·

aasamaan men ik jharokhaa

·

gunagunee see dhoop ne

·

sheetal hawaa kaa weg rokaa

·

ek ankur praat phootaa

·

har angan men preet banakar

·

neend se bolaa utho

·

naw warsh aayaa

·

need apanaa chod chidiyaan

·

par pasaare chahachahaaeen

·

daal chatakeen chaaru kaliyaan

·

bhanvaron se nazaren milaaeen

·

ek nishchay punah panapaa

·

har nayan men jeet banakar

·

kar pakad

एक पावन मंत्र गूँजा

॥

नेह का नवगीत बनकर

॥

शंख से बोला बजो

॥

नव वर्ष आया।

॥

शांत कोहरे ने बनाया

॥

आसमां में इक झरोखा।

॥

गुनगुनी सी धूप ने

॥

शीतल हवा का वेग रोका।

॥

एक अंकुर प्रात फूटा

॥

हर अँगन में प्रीत बनकर।

॥

नींद से बोला उठो

॥

नव वर्ष आया।

॥

नीड़ अपना छोड़ चिड़ियाँ

॥

पर पसारे चहचहाईं।

॥

डाल चटकीं चारु कलियाँ

॥

भँवरों से नज़रें मिलाईं।

॥

एक निश्चय पुनः पनपा

॥

हर नयन में जीत बनकर।

॥

कर पकड़

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗