नव वर्ष आया naw warsh aayaa नव वर्ष आया
एक पावन मंत्र गूँजा
नेह का नवगीत बनकर
शंख से बोला बजो
नव वर्ष आया।
शांत कोहरे ने बनाया
आसमां में इक झरोखा।
गुनगुनी सी धूप ने
शीतल हवा का वेग रोका।
एक अंकुर प्रात फूटा
हर अँगन में प्रीत बनकर।
नींद से बोला उठो
नव वर्ष आया।
नीड़ अपना छोड़ चिड़ियाँ
पर पसारे चहचहाईं।
डाल चटकीं चारु कलियाँ
भँवरों से नज़रें मिलाईं।
एक निश्चय पुनः पनपा
हर नयन में जीत बनकर।
कर पकड़
ek paawan mantr goonjaa
neh kaa nawageet banakar
shankh se bolaa bajo
naw warsh aayaa
shaant kohare ne banaayaa
aasamaan men ik jharokhaa
gunagunee see dhoop ne
sheetal hawaa kaa weg rokaa
ek ankur praat phootaa
har angan men preet banakar
neend se bolaa utho
naw warsh aayaa
need apanaa chod chidiyaan
par pasaare chahachahaaeen
daal chatakeen chaaru kaliyaan
bhanvaron se nazaren milaaeen
ek nishchay punah panapaa
har nayan men jeet banakar
kar pakad
एक पावन मंत्र गूँजा
नेह का नवगीत बनकर
शंख से बोला बजो
नव वर्ष आया।
शांत कोहरे ने बनाया
आसमां में इक झरोखा।
गुनगुनी सी धूप ने
शीतल हवा का वेग रोका।
एक अंकुर प्रात फूटा
हर अँगन में प्रीत बनकर।
नींद से बोला उठो
नव वर्ष आया।
नीड़ अपना छोड़ चिड़ियाँ
पर पसारे चहचहाईं।
डाल चटकीं चारु कलियाँ
भँवरों से नज़रें मिलाईं।
एक निश्चय पुनः पनपा
हर नयन में जीत बनकर।
कर पकड़