गाँवों में बस गीत रह गए gaanvon men bas geet rah gae गाँवों में बस गीत रह गए
ऊँचे पद के मद में जिनके
शहर चल दिये पाँव
नहीं चाहते कभी लौटना
वापस अपने गाँव ।
याद नहीं अब गाँव उन्हें जो
होते उनके जन्में।
फिर आने की मात-पिता को
देकर जाते कसमें।
नहीं लुभातीं आज उन्हें वो
धूल सँजोई गलियाँ।
और नहीं आसान छोडना
शहरों की रंगरलियाँ।
छोड़ चमाचम गाड़ी कैसे
चलें गली में पाँव।
फैशन भूल नए
oonche pad ke mad men jinake
shahar chal diye paanv
naheen chaahate kabhee lautanaa
waapas apane gaanv
yaad naheen ab gaanv unhen jo
hote unake janmen
phir aane kee maat-pitaa ko
dekar jaate kasamen
naheen lubhaateen aaj unhen wo
dhool sanjoee galiyaan
aur naheen aasaan chodanaa
shaharon kee rangaraliyaan
chod chamaacham gaadee kaise
chalen galee men paanv
phaishan bhool nae
ऊँचे पद के मद में जिनके
शहर चल दिये पाँव
नहीं चाहते कभी लौटना
वापस अपने गाँव ।
याद नहीं अब गाँव उन्हें जो
होते उनके जन्में।
फिर आने की मात-पिता को
देकर जाते कसमें।
नहीं लुभातीं आज उन्हें वो
धूल सँजोई गलियाँ।
और नहीं आसान छोडना
शहरों की रंगरलियाँ।
छोड़ चमाचम गाड़ी कैसे
चलें गली में पाँव।
फैशन भूल नए