कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १४४ / १६३ № 144 of 163 रचना १४४ / १६३
१९ नवम्बर २०१९ 19 November 2019 १९ नवम्बर २०१९

मन मेरा करता है पापा man meraa karataa hai paapaa मन मेरा करता है पापा

मन मेरा करता है पापा

काव्य ग्रंथ रच डालूँ

माँ पर बहुत लिखा बहुतों ने

मैं तुमको लिख डालूँ।

माँ महान है माना मैंने

तुम महानतम पापा।

सबसे सुंदर माँ है जग में

तुम सुंदरतम पापा।

गृहस्थी के इस फूलदान में

प्यारे पुष्प सजा लूँ

अपने हाथों सींचूँ बगिया

स्वर्ग समान बना लूँ।

छिपने को है माँ का आँचल

वरना बचपन फीका

मगर गर्व से तनकर चलना

पापा तुमसे सीखा।

साथ बढ़ूँ मैं सदा तुम्हारे

अपनी मंज़िल पा लूँ

पूरे करूँ तुम्हारे सपने

जीवन सफल बना लूँ।

माँ से ममता पाई लेकिन

ज्ञान तुम्हीं से पापा।

माँ ने सींचा बड़ा किया पर

नाम तुम्हीं से पापा।

अब मैं अपना नाम तुम्हारे

नाम संग लिखवा लूँ

सखी सहेली माँ है पापा

तुमको मित्र बना लूँ।

माँ ने पाई है कुदरत से

कोमल कंचन काया।

कवच कठोर कदाचित तुमने

इसीलिए है पाया।

मन में कोमल भाव भरे हैं

जग को यह दिखला दूँ

मैंने तुम्हें पढ़ा है पापा

आज तुम्हें लिख डालूँ।

man meraa karataa hai paapaa

kaavy granth rach daaloon

maan par bahut likhaa bahuton ne

main tumako likh daaloon

·

maan mahaan hai maanaa mainne

tum mahaanatam paapaa

sabase sundar maan hai jag men

tum sundaratam paapaa

·

griihasthee ke is phooladaan men

pyaare pushp sajaa loon

apane haathon seenchoon bagiyaa

svarg samaan banaa loon

·

chipane ko hai maan kaa aanchal

waranaa bachapan pheekaa

magar garv se tanakar chalanaa

paapaa tumase seekhaa

·

saath bढ़oon main sadaa tumhaare

apanee manzil paa loon

poore karoon tumhaare sapane

jeewan saphal banaa loon

·

maan se mamataa paaee lekin

jnaan tumheen se paapaa

maan ne seenchaa badaa kiyaa par

naam tumheen se paapaa

·

ab main apanaa naam tumhaare

naam sang likhawaa loon

sakhee sahelee maan hai paapaa

tumako mitr banaa loon

·

maan ne paaee hai kudarat se

komal kanchan kaayaa

kawach kathor kadaachit tumane

iseelie hai paayaa

·

man men komal bhaaw bhare hain

jag ko yah dikhalaa doon

mainne tumhen pढ़aa hai paapaa

aaj tumhen likh daaloon

मन मेरा करता है पापा

काव्य ग्रंथ रच डालूँ

माँ पर बहुत लिखा बहुतों ने

मैं तुमको लिख डालूँ।

माँ महान है माना मैंने

तुम महानतम पापा।

सबसे सुंदर माँ है जग में

तुम सुंदरतम पापा।

गृहस्थी के इस फूलदान में

प्यारे पुष्प सजा लूँ

अपने हाथों सींचूँ बगिया

स्वर्ग समान बना लूँ।

छिपने को है माँ का आँचल

वरना बचपन फीका

मगर गर्व से तनकर चलना

पापा तुमसे सीखा।

साथ बढ़ूँ मैं सदा तुम्हारे

अपनी मंज़िल पा लूँ

पूरे करूँ तुम्हारे सपने

जीवन सफल बना लूँ।

माँ से ममता पाई लेकिन

ज्ञान तुम्हीं से पापा।

माँ ने सींचा बड़ा किया पर

नाम तुम्हीं से पापा।

अब मैं अपना नाम तुम्हारे

नाम संग लिखवा लूँ

सखी सहेली माँ है पापा

तुमको मित्र बना लूँ।

माँ ने पाई है कुदरत से

कोमल कंचन काया।

कवच कठोर कदाचित तुमने

इसीलिए है पाया।

मन में कोमल भाव भरे हैं

जग को यह दिखला दूँ

मैंने तुम्हें पढ़ा है पापा

आज तुम्हें लिख डालूँ।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗