कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १७५ / २०४ № 175 of 204 रचना १७५ / २०४
१९ नवम्बर २०१९ 19 November 2019 १९ नवम्बर २०१९

फूल तितलियों वाला उपवन phool titaliyon waalaa upawan फूल तितलियों वाला उपवन

बदला मौसम फिर

बसंत का हुआ आगमन।

खिला खुशनुमा फूल-

तितलियों वाला उपवन।

ऋतु रानी का रूप

निरखकर प्रेम अगन में

हुआ पतंगों का भी

जलने को आतुर मन।

पींगें भरने लगे

बाग में भँवरे कलियाँ

लहराता लख हरित

पीत वसुधा का दामन।

पल-पल झरते पात

चतुर्दिश बिखरे-बिखरे

रस-सुगंध से सींच

रहे हैं सारा आँगन।

टिमटिम करती देख

जुगनुओं वाली रैना

खा जाता है मात

चाँदनी का भी यौवन।

लगता है ज्यों उतरी

भू पर एक अप्सरा

प्रीत-प्रीत बन जाता

है यह मदमाता मन।

काश! गीतमय दिन

बसंत के कभी न बीतें

और बीत जाए इनमें

यह सारा जीवन।

badalaa mausam phir

basant kaa huaa aagaman

khilaa khushanumaa phool-

titaliyon waalaa upawan

·

riitu raanee kaa roop

nirakhakar prem agan men

huaa patangon kaa bhee

jalane ko aatur man

·

peengen bharane lage

baag men bhanvare kaliyaan

laharaataa lakh harit

peet wasudhaa kaa daaman

·

pal-pal jharate paat

chaturdish bikhare-bikhare

ras-sugandh se seench

rahe hain saaraa aangan

·

timatim karatee dekh

juganuon waalee rainaa

khaa jaataa hai maat

chaandanee kaa bhee yauwan

·

lagataa hai jyon utaree

bhoo par ek apsaraa

preet-preet ban jaataa

hai yah madamaataa man

·

kaash! geetamay din

basant ke kabhee n beeten

aur beet jaae inamen

yah saaraa jeewan

बदला मौसम फिर

बसंत का हुआ आगमन।

खिला खुशनुमा फूल-

तितलियों वाला उपवन।

ऋतु रानी का रूप

निरखकर प्रेम अगन में

हुआ पतंगों का भी

जलने को आतुर मन।

पींगें भरने लगे

बाग में भँवरे कलियाँ

लहराता लख हरित

पीत वसुधा का दामन।

पल-पल झरते पात

चतुर्दिश बिखरे-बिखरे

रस-सुगंध से सींच

रहे हैं सारा आँगन।

टिमटिम करती देख

जुगनुओं वाली रैना

खा जाता है मात

चाँदनी का भी यौवन।

लगता है ज्यों उतरी

भू पर एक अप्सरा

प्रीत-प्रीत बन जाता

है यह मदमाता मन।

काश! गीतमय दिन

बसंत के कभी न बीतें

और बीत जाए इनमें

यह सारा जीवन।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗