जो रस्ते क्रूर होते कंटकों वाले jo raste kroor hote kantakon waale जो रस्ते क्रूर होते कंटकों वाले
जो
रस्ते क्रूर होते, कंटकों वाले
चला
करते हैं उनपर, हौसलों वाले
जड़ों
से हैं जुड़े तरुवर, ये जो इनको
डरा
सकते न मौसम, आँधियों वाले
ये
हैं बगुले भगत, जो भोग की खातिर
धरा
करते वसन हैं, योगियों वाले
बचो
उन पशु नरों से, जालघर पर जो
रचाते
भेस अक्सर, नारियों वाले
सजग
रहना सदा उन दुश्मनों से तुम
जो
रख अंदाज़ मिलते, दोस्तों वाले
तक़ाज़ा
देश का है साथ जुट जाओ
भुलाकर
भेद मस्जिद, मंदिरों वाले
मुड़े
किस ओर जाने मुल्क की किश्ती
कि
कर, पतवार पर हैं लोभियों वाले
बसाओ
दिल समय है ‘कल्पना’ अब भी
कि
लौटो छोड़कर घर पत्थरों वाले
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
jo
raste kroor hote, kantakon waale
chalaa
karate hain unapar, hausalon waale
jadon
se hain jude taruwar, ye jo inako
daraa
sakate n mausam, aandhiyon waale
ye
hain bagule bhagat, jo bhog kee khaatir
dharaa
karate wasan hain, yogiyon waale
bacho
un pashu naron se, jaalaghar par jo
rachaate
bhes aksar, naariyon waale
sajag
rahanaa sadaa un dushmanon se tum
jo
rakh andaaz milate, doston waale
taqaazaa
desh kaa hai saath jut jaao
bhulaakar
bhed masjid, mandiron waale
mude
kis or jaane mulk kee kishtee
ki
kar, patawaar par hain lobhiyon waale
basaao
dil samay hai ‘kalpanaa’ ab bhee
ki
lauto chodakar ghar pattharon waale
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
जो
रस्ते क्रूर होते, कंटकों वाले
चला
करते हैं उनपर, हौसलों वाले
जड़ों
से हैं जुड़े तरुवर, ये जो इनको
डरा
सकते न मौसम, आँधियों वाले
ये
हैं बगुले भगत, जो भोग की खातिर
धरा
करते वसन हैं, योगियों वाले
बचो
उन पशु नरों से, जालघर पर जो
रचाते
भेस अक्सर, नारियों वाले
सजग
रहना सदा उन दुश्मनों से तुम
जो
रख अंदाज़ मिलते, दोस्तों वाले
तक़ाज़ा
देश का है साथ जुट जाओ
भुलाकर
भेद मस्जिद, मंदिरों वाले
मुड़े
किस ओर जाने मुल्क की किश्ती
कि
कर, पतवार पर हैं लोभियों वाले
बसाओ
दिल समय है ‘कल्पना’ अब भी
कि
लौटो छोड़कर घर पत्थरों वाले
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी