रोज़ की एक रचना One verse a day हर डिंहं हिक रचना
आज की रचना Today's verse अजि जी रचना
घर पन्ने पर हर दिन एक नई रचना दिखती है। यहाँ हैं पिछले तीस दिनों की चुनी हुई पंक्तियाँ। A new verse appears on the home page each day. The last thirty days, picked in turn, are gathered here. घर पन्नो ते हर डिंहं हिक नवीं रचना अची थी। हिते आहन पोयरला तीह डिंहं जूं चुणियूं सट्रूं।
- ८ 08 ८ जून Jun जून आज today अजु
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भोर का तारा छिपा जाने किधर है bhor kaa taaraa chipaa jaane kidhar hai भोर का तारा छिपा जाने किधर है
आजखबरों में जहाँ जाती नज़र है। aajkhabaron men jahaan jaatee nazar hai आजखबरों में जहाँ जाती नज़र है। - ७ 07 ७ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भोर का तारा bhor kaa taaraa भोर का तारा
अल सुबह देखा था मैंने भोर का तारा।वह फ़लक पर था अकेला फूल सा तारा। al subah dekhaa thaa mainne bhor kaa taaraawah falak par thaa akelaa phool saa taaraa अल सुबह देखा था मैंने भोर का तारा।वह फ़लक पर था अकेला फूल सा तारा। - ६ 06 ६ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भू को चली भागीरथी bhoo ko chalee bhaageerathee भू को चली भागीरथी
स्वर्ग के सुख त्यागकर, भू को चली भागीरथीपर्वतों की गोद से, होकर बही भागीरथी svarg ke sukh tyaagakar, bhoo ko chalee bhaageeratheeparvaton kee god se, hokar bahee bhaageerathee स्वर्ग के सुख त्यागकर, भू को चली भागीरथीपर्वतों की गोद से, होकर बही भागीरथी - ५ 05 ५ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भूल जाएगा ज़माना bhool jaaegaa zamaanaa भूल जाएगा ज़माना
पेशावर में १७ दिसंबर २०१४ को आतंकी हमले में मारे गए स्कूली बच्चों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप कुछ भाव========================= peshaawar men 17 disanbar 2014 ko aatankee hamale men maare gae skoolee bachchon ke prati shraddhaanjali svaroop kuch bhaaw========================= पेशावर में १७ दिसंबर २०१४ को आतंकी हमले में मारे गए स्कूली बच्चों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप कुछ भाव========================= - ४ 04 ४ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटियों आगे बढ़ो betiyon aage bढ़o बेटियों आगे बढ़ो
हक़ से हर अधिकार पाने,बेटियों आगे बढ़ो। haq se har adhikaar paane,betiyon aage bढ़o हक़ से हर अधिकार पाने,बेटियों आगे बढ़ो। - ३ 03 ३ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भूखों को रिझाते वे bhookhon ko rijhaate we भूखों को रिझाते वे
भूखोंको रिझाते वे, रोटी की मुनादी से। bhookhonko rijhaate we, rotee kee munaadee se भूखोंको रिझाते वे, रोटी की मुनादी से। - २ 02 २ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भीगा हुआ फागुन सखी bheegaa huaa phaagun sakhee भीगा हुआ फागुन सखी
रंगलाए व्योम से भीगा हुआ फागुन सखी। ranglaae wyom se bheegaa huaa phaagun sakhee रंगलाए व्योम से भीगा हुआ फागुन सखी। - १ 01 १ जून Jun जून
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
भोली बिटिया bholee bitiyaa भोली बिटिया
मेरी प्यारी भोली बिटिया।घर भर की हमजोली बिटिया। meree pyaaree bholee bitiyaaghar bhar kee hamajolee bitiyaa मेरी प्यारी भोली बिटिया।घर भर की हमजोली बिटिया। - ३१ 31 ३१ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटियाँ होंगी न जब betiyaan hongee n jab बेटियाँ होंगी न जब
गर्भ में ही काटकर, अपनीसुता की नाल माँ! garbh men hee kaatakar, apaneesutaa kee naal maan! गर्भ में ही काटकर, अपनीसुता की नाल माँ! - ३० 30 ३० मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटियों पर चर्चा हो betiyon par charchaa ho बेटियों पर चर्चा हो
अगरकहीं भी बंधु, agarkaheen bhee bandhu, अगरकहीं भी बंधु, - २९ 29 २९ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटियाँ होंगी न जब/ग़ज़ल betiyaan hongee n jab/gazal बेटियाँ होंगी न जब/ग़ज़ल
गर्भ में ही काटकरअपनी सुता की नाल माँ! garbh men hee kaatakarapanee sutaa kee naal maan! गर्भ में ही काटकरअपनी सुता की नाल माँ! - २८ 28 २८ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटी का हक़ betee kaa haq बेटी का हक़
बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो betee kaa hak, agar aapane cheenaa toburaa haal he manuj! tumhaaraa hogaa, to बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो - २७ 27 २७ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बसंत आया है basant aayaa hai बसंत आया है
डाल-डाल पर गुल खिले, बसंत आया है।पात-पात हँसकर कहे, बसंत आया है। daal-daal par gul khile, basant aayaa haipaat-paat hansakar kahe, basant aayaa hai डाल-डाल पर गुल खिले, बसंत आया है।पात-पात हँसकर कहे, बसंत आया है। - २६ 26 २६ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटी का हक़ अगर betee kaa haq agar बेटी का हक़ अगर
बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो betee kaa hak, agar aapane cheenaa toburaa haal he manuj! tumhaaraa hogaa, to बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो - २५ 25 २५ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बंजर ज़मीं पे बाग बसाएँ तो बात है banjar zameen pe baag basaaen to baat hai बंजर ज़मीं पे बाग बसाएँ तो बात है
बंजरज़मीं पे बाग, बसाएँ तो बात है banjarzameen pe baag, basaaen to baat hai बंजरज़मीं पे बाग, बसाएँ तो बात है - २४ 24 २४ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेटी बचाएँ betee bachaaen बेटी बचाएँ
ज़मीं से उठाकर फ़लक पर बिठाएँ।अहम लक्ष्य हो, आज बेटी बचाएँ। zameen se uthaakar falak par bithaaenaham lakshy ho, aaj betee bachaaen ज़मीं से उठाकर फ़लक पर बिठाएँ।अहम लक्ष्य हो, आज बेटी बचाएँ। - २३ 23 २३ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बेला खिले belaa khile बेला खिले
मृदु-मधुरझोंके हवा के, कह गये, बेला खिले mriidu-madhurjhonke hawaa ke, kah gaye, belaa khile मृदु-मधुरझोंके हवा के, कह गये, बेला खिले - २२ 22 २२ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बरसात का ये मौसम,कितना हसीन है! barasaat kaa ye mausam,kitanaa haseen hai! बरसात का ये मौसम,कितना हसीन है!
बरसात का ये मौसम, कितना हसीन है!धरती गगन का संगम, कितना हसीन है! barasaat kaa ye mausam, kitanaa haseen hai!dharatee gagan kaa sangam, kitanaa haseen hai! बरसात का ये मौसम, कितना हसीन है!धरती गगन का संगम, कितना हसीन है! - २१ 21 २१ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बदले हो तुम तो है क्या... badale ho tum to hai kyaa बदले हो तुम तो है क्या...
बदले हो तुम, तोहै क्या, मैं भी बदल जाऊँगी। badale ho tum, tohai kyaa, main bhee badal jaaoongee बदले हो तुम, तोहै क्या, मैं भी बदल जाऊँगी। - २० 20 २० मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बरसे मेघ चलो तन धो लो barase megh chalo tan dho lo बरसे मेघ चलो तन धो लो
बरसेमेघ, चलो तन धो लो barasemegh, chalo tan dho lo बरसेमेघ, चलो तन धो लो - १९ 19 १९ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
बागों बुलाती है सुबह baagon bulaatee hai subah बागों बुलाती है सुबह
रात पर जय प्राप्त कर जब,जगमगाती है सुबह। raat par jay praapt kar jab,jagamagaatee hai subah रात पर जय प्राप्त कर जब,जगमगाती है सुबह। - १८ 18 १८ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
और मौसम अचानक सुहाना हुआ aur mausam achaanak suhaanaa huaa और मौसम अचानक सुहाना हुआ
तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।और मौसम अचानक सुहाना हुआ। tumase nazaren mileen, man milaanaa huaaaur mausam achaanak suhaanaa huaa तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।और मौसम अचानक सुहाना हुआ। - १७ 17 १७ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
ऐसा भी क्या aisaa bhee kyaa ऐसा भी क्या
दाँवलगाना, ऐसा भी क्या! daanvlagaanaa, aisaa bhee kyaa! दाँवलगाना, ऐसा भी क्या! - १६ 16 १६ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
अच्छा लगता है achchaa lagataa hai अच्छा लगता है
नित्यनवेली भोर, टहलना अच्छा लगता है nitynawelee bhor, tahalanaa achchaa lagataa hai नित्यनवेली भोर, टहलना अच्छा लगता है - १५ 15 १५ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
अगर कर्म पर जन का विश्वास होगा agar karm par jan kaa wishvaas hogaa अगर कर्म पर जन का विश्वास होगा
अगरकर्म पर जन का विश्वास होगा agarkarm par jan kaa wishvaas hogaa अगरकर्म पर जन का विश्वास होगा - १४ 14 १४ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
आशाओं के दीप aashaaon ke deep आशाओं के दीप
आँगन-आँगनआशाओं के दीप जलाती aangan-aanganaashaaon ke deep jalaatee आँगन-आँगनआशाओं के दीप जलाती - १३ 13 १३ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
आओगे ना! aaoge naa! आओगे ना!
दिल की दुनिया पुनः बसाने, आओगे ना!रूठी हूँ तो मुझे मनाने, आओगे ना! dil kee duniyaa punah basaane, aaoge naa!roothee hoon to mujhe manaane, aaoge naa! दिल की दुनिया पुनः बसाने, आओगे ना!रूठी हूँ तो मुझे मनाने, आओगे ना! - १२ 12 १२ मई May मई
lekh lekh lekh
धूप की विभिन्न छवियाँ dhoop kee wibhinn chhawiyaan धूप की विभिन्न छवियाँ
नवगीत परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्रकुमार रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर' में नवगीत परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्रकुमार रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर' में नवगीत परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्रकुमार रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर' में - ११ 11 ११ मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
आज की बेटी aaj kee betee आज की बेटी
नईसदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी naeesadee kee hawaa bandhuon aisee hogee नईसदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी - १० 10 १० मई May मई
ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल
आज हैं आज़ाद हम//ग़ज़ल// aaj hain aazaad ham//gazal// आज हैं आज़ाद हम//ग़ज़ल//
कह रहीं बहती हवाएँ, आज हैं आज़ादहम। kah raheen bahatee hawaaen, aaj hain aazaadham कह रहीं बहती हवाएँ, आज हैं आज़ादहम।
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