कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३

रोज़ की एक रचना One verse a day हर डिंहं हिक रचना

आज की रचना Today's verse अजि जी रचना

घर पन्ने पर हर दिन एक नई रचना दिखती है। यहाँ हैं पिछले तीस दिनों की चुनी हुई पंक्तियाँ। A new verse appears on the home page each day. The last thirty days, picked in turn, are gathered here. घर पन्नो ते हर डिंहं हिक नवीं रचना अची थी। हिते आहन पोयरला तीह डिंहं जूं चुणियूं सट्रूं।

  1. 04 जून Jun जून आज today अजु

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटियों आगे बढ़ो betiyon aage bढ़o बेटियों आगे बढ़ो

    हक़ से हर अधिकार पाने,बेटियों आगे बढ़ो। haq se har adhikaar paane,betiyon aage bढ़o हक़ से हर अधिकार पाने,बेटियों आगे बढ़ो।
  2. 03 जून Jun जून

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    भूखों को रिझाते वे bhookhon ko rijhaate we भूखों को रिझाते वे

    भूखोंको रिझाते वे, रोटी की मुनादी से। bhookhonko rijhaate we, rotee kee munaadee se भूखोंको रिझाते वे, रोटी की मुनादी से।
  3. 02 जून Jun जून

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    भीगा हुआ फागुन सखी bheegaa huaa phaagun sakhee भीगा हुआ फागुन सखी

    रंगलाए व्योम से भीगा हुआ फागुन सखी। ranglaae wyom se bheegaa huaa phaagun sakhee रंगलाए व्योम से भीगा हुआ फागुन सखी।
  4. 01 जून Jun जून

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    भोली बिटिया bholee bitiyaa भोली बिटिया

    मेरी प्यारी भोली बिटिया।घर भर की हमजोली बिटिया। meree pyaaree bholee bitiyaaghar bhar kee hamajolee bitiyaa मेरी प्यारी भोली बिटिया।घर भर की हमजोली बिटिया।
  5. ३१ 31 ३१ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटियाँ होंगी न जब betiyaan hongee n jab बेटियाँ होंगी न जब

    गर्भ में ही काटकर, अपनीसुता की नाल माँ! garbh men hee kaatakar, apaneesutaa kee naal maan! गर्भ में ही काटकर, अपनीसुता की नाल माँ!
  6. ३० 30 ३० मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटियों पर चर्चा हो betiyon par charchaa ho बेटियों पर चर्चा हो

    अगरकहीं भी बंधु, agarkaheen bhee bandhu, अगरकहीं भी बंधु,
  7. २९ 29 २९ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटियाँ होंगी न जब/ग़ज़ल betiyaan hongee n jab/gazal बेटियाँ होंगी न जब/ग़ज़ल

    गर्भ में ही काटकरअपनी सुता की नाल माँ! garbh men hee kaatakarapanee sutaa kee naal maan! गर्भ में ही काटकरअपनी सुता की नाल माँ!
  8. २८ 28 २८ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटी का हक़ betee kaa haq बेटी का हक़

    बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो betee kaa hak, agar aapane cheenaa toburaa haal he manuj! tumhaaraa hogaa, to बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो
  9. २७ 27 २७ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बसंत आया है basant aayaa hai बसंत आया है

    डाल-डाल पर गुल खिले,  बसंत आया है।पात-पात हँसकर कहे,  बसंत आया है। daal-daal par gul khile, basant aayaa haipaat-paat hansakar kahe, basant aayaa hai डाल-डाल पर गुल खिले,  बसंत आया है।पात-पात हँसकर कहे,  बसंत आया है।
  10. २६ 26 २६ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटी का हक़ अगर betee kaa haq agar बेटी का हक़ अगर

    बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो betee kaa hak, agar aapane cheenaa toburaa haal he manuj! tumhaaraa hogaa, to बेटी का हक, अगर आपने छीना तोबुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो
  11. २५ 25 २५ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बंजर ज़मीं पे बाग बसाएँ तो बात है banjar zameen pe baag basaaen to baat hai बंजर ज़मीं पे बाग बसाएँ तो बात है

    बंजरज़मीं पे बाग, बसाएँ तो बात है banjarzameen pe baag, basaaen to baat hai बंजरज़मीं पे बाग, बसाएँ तो बात है
  12. २४ 24 २४ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेटी बचाएँ betee bachaaen बेटी बचाएँ

    ज़मीं से उठाकर फ़लक पर बिठाएँ।अहम लक्ष्य हो, आज बेटी बचाएँ। zameen se uthaakar falak par bithaaenaham lakshy ho, aaj betee bachaaen ज़मीं से उठाकर फ़लक पर बिठाएँ।अहम लक्ष्य हो, आज बेटी बचाएँ।
  13. २३ 23 २३ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बेला खिले belaa khile बेला खिले

    मृदु-मधुरझोंके हवा के, कह गये, बेला खिले mriidu-madhurjhonke hawaa ke, kah gaye, belaa khile मृदु-मधुरझोंके हवा के, कह गये, बेला खिले
  14. २२ 22 २२ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बरसात का ये मौसम,कितना हसीन है! barasaat kaa ye mausam,kitanaa haseen hai! बरसात का ये मौसम,कितना हसीन है!

    बरसात का ये मौसम, कितना हसीन है!धरती गगन का संगम, कितना हसीन है! barasaat kaa ye mausam, kitanaa haseen hai!dharatee gagan kaa sangam, kitanaa haseen hai! बरसात का ये मौसम, कितना हसीन है!धरती गगन का संगम, कितना हसीन है!
  15. २१ 21 २१ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बदले हो तुम तो है क्या... badale ho tum to hai kyaa बदले हो तुम तो है क्या...

    बदले हो तुम, तोहै क्या, मैं भी बदल जाऊँगी। badale ho tum, tohai kyaa, main bhee badal jaaoongee बदले हो तुम, तोहै क्या, मैं भी बदल जाऊँगी।
  16. २० 20 २० मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बरसे मेघ चलो तन धो लो barase megh chalo tan dho lo बरसे मेघ चलो तन धो लो

    बरसेमेघ, चलो तन धो लो barasemegh, chalo tan dho lo बरसेमेघ, चलो तन धो लो
  17. १९ 19 १९ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    बागों बुलाती है सुबह baagon bulaatee hai subah बागों बुलाती है सुबह

    रात पर जय प्राप्त कर जब,जगमगाती है सुबह। raat par jay praapt kar jab,jagamagaatee hai subah रात पर जय प्राप्त कर जब,जगमगाती है सुबह।
  18. १८ 18 १८ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    और मौसम अचानक सुहाना हुआ aur mausam achaanak suhaanaa huaa और मौसम अचानक सुहाना हुआ

    तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।और मौसम अचानक सुहाना हुआ। tumase nazaren mileen, man milaanaa huaaaur mausam achaanak suhaanaa huaa तुमसे नज़रें मिलीं, मन मिलाना हुआ।और मौसम अचानक सुहाना हुआ।
  19. १७ 17 १७ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    ऐसा भी क्या aisaa bhee kyaa ऐसा भी क्या

    दाँवलगाना, ऐसा भी क्या! daanvlagaanaa, aisaa bhee kyaa! दाँवलगाना, ऐसा भी क्या!
  20. १६ 16 १६ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    अच्छा लगता है achchaa lagataa hai अच्छा लगता है

    नित्यनवेली भोर, टहलना अच्छा लगता है nitynawelee bhor, tahalanaa achchaa lagataa hai नित्यनवेली भोर, टहलना अच्छा लगता है
  21. १५ 15 १५ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    अगर कर्म पर जन का विश्वास होगा agar karm par jan kaa wishvaas hogaa अगर कर्म पर जन का विश्वास होगा

    अगरकर्म पर जन का विश्वास होगा agarkarm par jan kaa wishvaas hogaa अगरकर्म पर जन का विश्वास होगा
  22. १४ 14 १४ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    आशाओं के दीप aashaaon ke deep आशाओं के दीप

    आँगन-आँगनआशाओं के दीप जलाती aangan-aanganaashaaon ke deep jalaatee आँगन-आँगनआशाओं के दीप जलाती
  23. १३ 13 १३ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    आओगे ना! aaoge naa! आओगे ना!

    दिल की दुनिया पुनः बसाने, आओगे ना!रूठी हूँ तो मुझे मनाने, आओगे ना! dil kee duniyaa punah basaane, aaoge naa!roothee hoon to mujhe manaane, aaoge naa! दिल की दुनिया पुनः बसाने, आओगे ना!रूठी हूँ तो मुझे मनाने, आओगे ना!
  24. १२ 12 १२ मई May मई

    lekh lekh lekh

    धूप की विभिन्न छवियाँ dhoop kee wibhinn chhawiyaan धूप की विभिन्न छवियाँ

    नवगीत परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्रकुमार रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर' में नवगीत परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्रकुमार रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर' में नवगीत परिसंवाद-२०१५ में पढ़ा गया शोध-पत्रकुमार रवीन्द्र के नवगीत संग्रह 'पंख बिखरे रेत पर' में
  25. ११ 11 ११ मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    आज की बेटी aaj kee betee आज की बेटी

    नईसदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी naeesadee kee hawaa bandhuon aisee hogee नईसदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी
  26. १० 10 १० मई May मई

    ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल

    आज हैं आज़ाद हम//ग़ज़ल// aaj hain aazaad ham//gazal// आज हैं आज़ाद हम//ग़ज़ल//

    कह रहीं बहती हवाएँ, आज हैं आज़ादहम। kah raheen bahatee hawaaen, aaj hain aazaadham कह रहीं बहती हवाएँ, आज हैं आज़ादहम।
  27. 09 मई May मई

    कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया

    यदि है पूत सपूत yadi hai poot sapoot यदि है पूत सपूत

    माया जोड़ें क्यों भला, यदि है पूत सपूत।जोड़ी वो किस काम की, है यदि पूत कपूत। maayaa joden kyon bhalaa, yadi hai poot sapootjodee wo kis kaam kee, hai yadi poot kapoot माया जोड़ें क्यों भला, यदि है पूत सपूत।जोड़ी वो किस काम की, है यदि पूत कपूत।
  28. 08 मई May मई

    कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया

    विजया दशमी पर्व का wijayaa dashamee parv kaa विजया दशमी पर्व का

    विजया दशमी पर्व का, अर्थ बहुत है गूढ।रावण के पुतले जला, खुश है मानव मूढ़। wijayaa dashamee parv kaa, arth bahut hai goodhraawan ke putale jalaa, khush hai maanaw mooढ़ विजया दशमी पर्व का, अर्थ बहुत है गूढ।रावण के पुतले जला, खुश है मानव मूढ़।
  29. 07 मई May मई

    कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया

    उत्सव खूब मनाइये utsaw khoob manaaiye उत्सव खूब मनाइये

    कुंडलिया छंदउत्सव खूब मनाइए, साथ सकल परिवार। kundaliyaa chandutsaw khoob manaaie, saath sakal pariwaar कुंडलिया छंदउत्सव खूब मनाइए, साथ सकल परिवार।
  30. 06 मई May मई

    कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया

    उतरी गंगा स्वर्ग से utaree gangaa svarg se उतरी गंगा स्वर्ग से

    उतरीगंगा स्वर्ग से, लिए वेगमय धार। utareegangaa svarg se, lie wegamay dhaar उतरीगंगा स्वर्ग से, लिए वेगमय धार।

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