कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ९४ / २०५ № 94 of 205 रचना ९४ / २०५
८ जून २०१५ 8 June 2015 ८ जून २०१५

ऐसा भी क्या aisaa bhee kyaa ऐसा भी क्या

दाँव

लगाना, ऐसा भी क्या!

॥

खुद

बिक जाना, ऐसा भी क्या!

॥

दुआ

बुजुर्गों की धकियाकर

॥

देव

मनाना, ऐसा भी क्या

॥

जब-जब

मुद्दे मूँछ मरोड़ें

॥

सिर

खुजलाना ऐसा भी क्या!

॥

दाग

दबाकर, अच्छे दिन की

॥

मुहर

लगाना, ऐसा भी क्या!

॥

रचना

फ्री सहयोग राशि भी?

॥

दे

छपवाना, ऐसा भी क्या!

॥

मित्रों का मन, बिन जाने ही

॥

टैग लगाना, ऐसा भी क्या!

॥

परिणय

के बिन, जायज 'लिव-इन'

॥

नया

ज़माना, ऐसा भी क्या!

॥

टूटे

चाहे साँस, न छूटे

॥

मय-मयखाना, ऐसा भी

क्या!

॥

निज-नारी

का नूर बुझाकर

॥

पर

की रिझाना, ऐसा भी क्या!

॥

प्रश्न

‘कल्पना’ हल चाहें तो

॥

आँख

चुराना, ऐसा भी क्या!

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

daanv

lagaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

khud

bik jaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

duaa

bujurgon kee dhakiyaakar

·

dew

manaanaa, aisaa bhee kyaa

·

jab-jab

mudde moonch maroden

·

sir

khujalaanaa aisaa bhee kyaa!

·

daag

dabaakar, achche din kee

·

muhar

lagaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

rachanaa

phree sahayog raashi bhee?

·

de

chapawaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

mitron kaa man, bin jaane hee

·

taig lagaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

parinay

ke bin, jaayaj 'liw-in'

·

nayaa

zamaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

toote

chaahe saans, n choote

·

may-mayakhaanaa, aisaa bhee

kyaa!

·

nij-naaree

kaa noor bujhaakar

·

par

kee rijhaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

prashn

‘kalpanaa’ hal chaahen to

·

aankh

churaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

दाँव

लगाना, ऐसा भी क्या!

॥

खुद

बिक जाना, ऐसा भी क्या!

॥

दुआ

बुजुर्गों की धकियाकर

॥

देव

मनाना, ऐसा भी क्या

॥

जब-जब

मुद्दे मूँछ मरोड़ें

॥

सिर

खुजलाना ऐसा भी क्या!

॥

दाग

दबाकर, अच्छे दिन की

॥

मुहर

लगाना, ऐसा भी क्या!

॥

रचना

फ्री सहयोग राशि भी?

॥

दे

छपवाना, ऐसा भी क्या!

॥

मित्रों का मन, बिन जाने ही

॥

टैग लगाना, ऐसा भी क्या!

॥

परिणय

के बिन, जायज 'लिव-इन'

॥

नया

ज़माना, ऐसा भी क्या!

॥

टूटे

चाहे साँस, न छूटे

॥

मय-मयखाना, ऐसा भी

क्या!

॥

निज-नारी

का नूर बुझाकर

॥

पर

की रिझाना, ऐसा भी क्या!

॥

प्रश्न

‘कल्पना’ हल चाहें तो

॥

आँख

चुराना, ऐसा भी क्या!

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗