कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ९३ / २०४ № 93 of 204 रचना ९३ / २०४
८ जून २०१५ 8 June 2015 ८ जून २०१५

ऐसा भी क्या aisaa bhee kyaa ऐसा भी क्या

दाँव

लगाना, ऐसा भी क्या!

खुद

बिक जाना, ऐसा भी क्या!

दुआ

बुजुर्गों की धकियाकर

देव

मनाना, ऐसा भी क्या

जब-जब

मुद्दे मूँछ मरोड़ें

सिर

खुजलाना ऐसा भी क्या!

दाग

दबाकर, अच्छे दिन की

मुहर

लगाना, ऐसा भी क्या!

रचना

फ्री सहयोग राशि भी?

दे

छपवाना, ऐसा भी क्या!

मित्रों का मन, बिन जाने ही

टैग लगाना, ऐसा भी क्या!

परिणय

के बिन, जायज 'लिव-इन'

नया

ज़माना, ऐसा भी क्या!

टूटे

चाहे साँस, न छूटे

मय-मयखाना, ऐसा भी

क्या!

निज-नारी

का नूर बुझाकर

पर

की रिझाना, ऐसा भी क्या!

प्रश्न

‘कल्पना’ हल चाहें तो

आँख

चुराना, ऐसा भी क्या!

-कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

daanv

lagaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

khud

bik jaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

duaa

bujurgon kee dhakiyaakar

·

dew

manaanaa, aisaa bhee kyaa

·

jab-jab

mudde moonch maroden

·

sir

khujalaanaa aisaa bhee kyaa!

·

daag

dabaakar, achche din kee

·

muhar

lagaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

rachanaa

phree sahayog raashi bhee?

·

de

chapawaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

mitron kaa man, bin jaane hee

·

taig lagaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

parinay

ke bin, jaayaj 'liw-in'

·

nayaa

zamaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

toote

chaahe saans, n choote

·

may-mayakhaanaa, aisaa bhee

kyaa!

·

nij-naaree

kaa noor bujhaakar

·

par

kee rijhaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

prashn

‘kalpanaa’ hal chaahen to

·

aankh

churaanaa, aisaa bhee kyaa!

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

दाँव

लगाना, ऐसा भी क्या!

खुद

बिक जाना, ऐसा भी क्या!

दुआ

बुजुर्गों की धकियाकर

देव

मनाना, ऐसा भी क्या

जब-जब

मुद्दे मूँछ मरोड़ें

सिर

खुजलाना ऐसा भी क्या!

दाग

दबाकर, अच्छे दिन की

मुहर

लगाना, ऐसा भी क्या!

रचना

फ्री सहयोग राशि भी?

दे

छपवाना, ऐसा भी क्या!

मित्रों का मन, बिन जाने ही

टैग लगाना, ऐसा भी क्या!

परिणय

के बिन, जायज 'लिव-इन'

नया

ज़माना, ऐसा भी क्या!

टूटे

चाहे साँस, न छूटे

मय-मयखाना, ऐसा भी

क्या!

निज-नारी

का नूर बुझाकर

पर

की रिझाना, ऐसा भी क्या!

प्रश्न

‘कल्पना’ हल चाहें तो

आँख

चुराना, ऐसा भी क्या!

-कल्पना रामानी

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗