कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३

पाठकों, मित्रों, और स्नेहीजनों के लिए For her readers, friends, and fellow travellers पढ़ंदड़न, दोस्तन ऐं स्नेही माणहन लाइ

एक याद छोड़ जाइए Leave a memory हिक यादगिरी छडि वंजो

अगर उनकी कोई पंक्ति आपके साथ है, या उनसे जुड़ी कोई स्मृति — परिवार को बताएँ। आपकी छोटी सी पंक्ति भी हमें मिले, यही बहुत है। If a line of hers stayed with you, or a memory tied to her — let the family know. Even a single sentence is more than enough. जे हुनन जी कोई सट्र अहां सां आहे, या हुनन सां जुड़ील कोई यादगिरी — घर वारन खे ब्धायो। अहांजी हिक नंढी सट्र भी असांखे मिले, ही गहु आहे।

कैसे पहुँचाएँ How to send कीअं मोकलियो

सुझाव A suggestion सुझाव

  • अपना नाम, और अगर हो सके तो दादी से अपना रिश्ता या मुलाक़ात कब हुई। Your name, and — if you like — how you knew her or when you last met. पनहीं नालो, ऐं जे थी सघे त डाडी सां पंहिंजो रिश्तो या मुलाक़ात कदहिं थी।
  • कोई एक पंक्ति, कोई एक यादगार पल — जितना आप कह सकें। A single line, a single moment — as much or as little as you wish. कोई हिक सट्र, कोई हिक यादगार पल — जितरो अहीं चई सघो।
  • अगर आप चाहें कि आपकी याद यहाँ इस पन्ने पर दिखे — हमें बताएँ। परिवार के आशीर्वाद से कुछ संदेश "श्रद्धांजलि" पर जोड़े जाएँगे। If you'd like your note to appear on the site, say so. With the family's blessing, some notes will be added to the Tributes page. जे अहीं चाहियो त अहांजी याद इन पन्ने ते डिसिणी पवे — असांखे ब्धायो। घर वारन जे आसीस सां, केई पैग़ाम "श्रद्धांजलि" ते शामिल थींदा।

हम हर संदेश पढ़ते हैं। जवाब देने में थोड़ी देर हो सकती है — पर हर शब्द हम तक पहुँचता है। We read every message. Replies may take a little time — but every word reaches us. असीं हर पैग़ाम पढ़ियूं थां। जवाब डियण में थोड़ी देरि थी सघे — पर हर लफ़्ज़ असांखे पहुचंदो आहे।