कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४१ / २०५ № 41 of 205 रचना ४१ / २०५
१६ अप्रैल २०१४ 16 April 2014 १६ अप्रैल २०१४

बेटियाँ होंगी न जब betiyaan hongee n jab बेटियाँ होंगी न जब

गर्भ में ही काटकर, अपनी

सुता की नाल माँ!

॥

दुग्ध-भीगा शुभ्र आँचल, मत

करो यूँ लाल माँ!

॥

तुम दया, ममता की देवी, तुम दुआ संतान की,

॥

जन्म दो जननी! न बनना, ढोंगियों

की ढाल माँ!

॥

मैं तो हूँ बुलबुल तुम्हारे, प्रेम

के ही बाग की,

॥

चाहती हूँ एक छोटी सी सुरक्षित डाल माँ!

॥

पुत्र की चाहत में तुम अपमान निज करती हो क्यों?

॥

धारिणी, जागो! समझ लो भेड़ियों की

चाल माँ!

॥

सिर उठाएँ जो असुर, उनको

सिखाना वो सबक,

॥

भूल जाएँ कंस कातिल, आसुरी

सुर ताल माँ!

॥

तुम सबल हो, आज

यह साबित करो नव-शक्ति बन,

॥

कर न पाएँ कापुरुष, ज्यों

मेरा बाँका बाल माँ!

॥

ठान लेना जीतनी है, जंग

ये हर हाल में,

॥

खंग बनकर काट देना, हार

का हर जाल माँ!

॥

तान चलना माथ, नन्हाँ

हाथ मेरा थामकर,

॥

दर्प से दमका करे ज्यों, भारती

का भाल माँ!

॥

“कल्पना” अंजाम

सोचो, बेटियाँ होंगी न जब,

॥

रूप कितना सृष्टि का, हो

जाएगा विकराल माँ!

॥

-----कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

garbh men hee kaatakar, apanee

sutaa kee naal maan!

·

dugdh-bheegaa shubhr aanchal, mat

karo yoon laal maan!

·

tum dayaa, mamataa kee dewee, tum duaa santaan kee,

·

janm do jananee! n bananaa, dhongiyon

kee dhaal maan!

·

main to hoon bulabul tumhaare, prem

ke hee baag kee,

·

chaahatee hoon ek chotee see surakshit daal maan!

·

putr kee chaahat men tum apamaan nij karatee ho kyon?

·

dhaarinee, jaago! samajh lo bhediyon kee

chaal maan!

·

sir uthaaen jo asur, unako

sikhaanaa wo sabak,

·

bhool jaaen kans kaatil, aasuree

sur taal maan!

·

tum sabal ho, aaj

yah saabit karo naw-shakti ban,

·

kar n paaen kaapurush, jyon

meraa baankaa baal maan!

·

thaan lenaa jeetanee hai, jang

ye har haal men,

·

khang banakar kaat denaa, haar

kaa har jaal maan!

·

taan chalanaa maath, nanhaan

haath meraa thaamakar,

·

darp se damakaa kare jyon, bhaaratee

kaa bhaal maan!

·

“kalpanaa” anjaam

socho, betiyaan hongee n jab,

·

roop kitanaa sriishti kaa, ho

jaaegaa wikaraal maan!

·

-----kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

गर्भ में ही काटकर, अपनी

सुता की नाल माँ!

॥

दुग्ध-भीगा शुभ्र आँचल, मत

करो यूँ लाल माँ!

॥

तुम दया, ममता की देवी, तुम दुआ संतान की,

॥

जन्म दो जननी! न बनना, ढोंगियों

की ढाल माँ!

॥

मैं तो हूँ बुलबुल तुम्हारे, प्रेम

के ही बाग की,

॥

चाहती हूँ एक छोटी सी सुरक्षित डाल माँ!

॥

पुत्र की चाहत में तुम अपमान निज करती हो क्यों?

॥

धारिणी, जागो! समझ लो भेड़ियों की

चाल माँ!

॥

सिर उठाएँ जो असुर, उनको

सिखाना वो सबक,

॥

भूल जाएँ कंस कातिल, आसुरी

सुर ताल माँ!

॥

तुम सबल हो, आज

यह साबित करो नव-शक्ति बन,

॥

कर न पाएँ कापुरुष, ज्यों

मेरा बाँका बाल माँ!

॥

ठान लेना जीतनी है, जंग

ये हर हाल में,

॥

खंग बनकर काट देना, हार

का हर जाल माँ!

॥

तान चलना माथ, नन्हाँ

हाथ मेरा थामकर,

॥

दर्प से दमका करे ज्यों, भारती

का भाल माँ!

॥

“कल्पना” अंजाम

सोचो, बेटियाँ होंगी न जब,

॥

रूप कितना सृष्टि का, हो

जाएगा विकराल माँ!

॥

-----कल्पना रामानी

॥

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-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗