ज्योति-दीपक सौख्य का उपहार दीवाली jyoti-deepak saukhy kaa upahaar deewaalee ज्योति-दीपक सौख्य का उपहार दीवाली
ज्योति-दीपक
सौख्य का उपहार दीवाली।
बाँध
लाई गाँठ में फिर प्यार दीवाली।
आस
के आखर उभर आए हवाओं में
कर
रही धन-देवी का सत्कार दीवाली।
बाँध
वंदनवार देहरी अल्पना रचकर
शोभती
हर द्वार पर शुभकार दीवाली।
पीर
हर, घर-घर सजाती धीर-बाती संग
कोने-कोने
इक दिया क्रमवार दीवाली।
जीतकर
मावस पटाखे छोड़ हर्षित हो
सत्य
की करती तुमुल जयकार दीवाली।
देह
से कितनी हों लंबी दूरियाँ चाहे
जोड़
देती नेह के हिय तार दीवाली।
मेट
मन से मैल, मंगल भाव के भूषण
सौंपती
है विश्व को, हर बार दीवाली।
पूज
लक्ष्मी मातु को पावन सुरों के संग
जग
मनाता ‘कल्पना’ खुशवार दीवाली।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
jyoti-deepak
saukhy kaa upahaar deewaalee
baandh
laaee gaanth men phir pyaar deewaalee
aas
ke aakhar ubhar aae hawaaon men
kar
rahee dhan-dewee kaa satkaar deewaalee
baandh
wandanawaar deharee alpanaa rachakar
shobhatee
har dvaar par shubhakaar deewaalee
peer
har, ghar-ghar sajaatee dheer-baatee sang
kone-kone
ik diyaa kramawaar deewaalee
jeetakar
maawas pataakhe chod harshit ho
saty
kee karatee tumul jayakaar deewaalee
deh
se kitanee hon lanbee dooriyaan chaahe
jod
detee neh ke hiy taar deewaalee
met
man se mail, mangal bhaaw ke bhooshan
saunpatee
hai wishv ko, har baar deewaalee
pooj
lakshmee maatu ko paawan suron ke sang
jag
manaataa ‘kalpanaa’ khushawaar deewaalee
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
ज्योति-दीपक
सौख्य का उपहार दीवाली।
बाँध
लाई गाँठ में फिर प्यार दीवाली।
आस
के आखर उभर आए हवाओं में
कर
रही धन-देवी का सत्कार दीवाली।
बाँध
वंदनवार देहरी अल्पना रचकर
शोभती
हर द्वार पर शुभकार दीवाली।
पीर
हर, घर-घर सजाती धीर-बाती संग
कोने-कोने
इक दिया क्रमवार दीवाली।
जीतकर
मावस पटाखे छोड़ हर्षित हो
सत्य
की करती तुमुल जयकार दीवाली।
देह
से कितनी हों लंबी दूरियाँ चाहे
जोड़
देती नेह के हिय तार दीवाली।
मेट
मन से मैल, मंगल भाव के भूषण
सौंपती
है विश्व को, हर बार दीवाली।
पूज
लक्ष्मी मातु को पावन सुरों के संग
जग
मनाता ‘कल्पना’ खुशवार दीवाली।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी