बेटी का हक़ betee kaa haq बेटी का हक़
बेटी का हक, अगर आपने छीना तो
बुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो
देर न होगी, बाँझ धरा के होने में
जीव-जन्म का, अगर सिलसिला टूटा तो
प्रलय-पृष्ठ पर करने होंगे हस्ताक्षर
सृष्टि-चक्र को अगर अँगुष्ठ दिखाया तो
समाधिस्थ होना तय है हर जीवन का
समाधान यदि आज ही नहीं सोचा तो
नाश वरण कर लेगा, इस सुंदर जग का
अनजन्मी बेटी का मरण न रोका तो
कलियुग एक, कथा बनकर रह जाएगा
सार-कथ्य का नहीं ‘कल्पना’ समझा तो
betee kaa hak, agar aapane cheenaa to
buraa haal he manuj! tumhaaraa hogaa, to
der n hogee, baanjh dharaa ke hone men
jeew-janm kaa, agar silasilaa tootaa to
pralay-priishth par karane honge hastaakshar
sriishti-chakr ko agar angushth dikhaayaa to
samaadhisth honaa tay hai har jeewan kaa
samaadhaan yadi aaj hee naheen sochaa to
naash waran kar legaa, is sundar jag kaa
anajanmee betee kaa maran n rokaa to
kaliyug ek, kathaa banakar rah jaaegaa
saar-kathy kaa naheen ‘kalpanaa’ samajhaa to
बेटी का हक, अगर आपने छीना तो
बुरा हाल हे मनुज! तुम्हारा होगा, तो
देर न होगी, बाँझ धरा के होने में
जीव-जन्म का, अगर सिलसिला टूटा तो
प्रलय-पृष्ठ पर करने होंगे हस्ताक्षर
सृष्टि-चक्र को अगर अँगुष्ठ दिखाया तो
समाधिस्थ होना तय है हर जीवन का
समाधान यदि आज ही नहीं सोचा तो
नाश वरण कर लेगा, इस सुंदर जग का
अनजन्मी बेटी का मरण न रोका तो
कलियुग एक, कथा बनकर रह जाएगा
सार-कथ्य का नहीं ‘कल्पना’ समझा तो