कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९
जब अँधियारा पाप का jab andhiyaaraa paap kaa जब अँधियारा पाप का
कुंडलिया छंद
॥
जब अँधियारा पाप का, फैले चारों ओर।
ज्योत जलाएँ पुण्य की, दीप धरें हर छोर।
दीप धरें हर छोर, कालिमा मिटे हृदय की
फैले धवल प्रकाश, रात आए चिर जय की।
सुख देगा तब मीत, दीप का पर्व हमारा
हो अंतर से दूर, पाप का जब अँधियारा।
kundaliyaa chand
·
jab andhiyaaraa paap kaa, phaile chaaron or
jyot jalaaen puny kee, deep dharen har chor
deep dharen har chor, kaalimaa mite hriiday kee
phaile dhawal prakaash, raat aae chir jay kee
sukh degaa tab meet, deep kaa parv hamaaraa
ho antar se door, paap kaa jab andhiyaaraa
कुंडलिया छंद
॥
जब अँधियारा पाप का, फैले चारों ओर।
ज्योत जलाएँ पुण्य की, दीप धरें हर छोर।
दीप धरें हर छोर, कालिमा मिटे हृदय की
फैले धवल प्रकाश, रात आए चिर जय की।
सुख देगा तब मीत, दीप का पर्व हमारा
हो अंतर से दूर, पाप का जब अँधियारा।