कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ५० / ६३ № 50 of 63 रचना ५० / ६३
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९

जब अँधियारा पाप का jab andhiyaaraa paap kaa जब अँधियारा पाप का

कुंडलिया छंद

जब अँधियारा पाप का, फैले चारों ओर।

ज्योत जलाएँ पुण्य की, दीप धरें हर छोर।

दीप धरें हर छोर, कालिमा मिटे हृदय की

फैले धवल प्रकाश, रात आए चिर जय की।

सुख देगा तब मीत, दीप का पर्व हमारा

हो अंतर से दूर, पाप का जब अँधियारा।

kundaliyaa chand

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jab andhiyaaraa paap kaa, phaile chaaron or

jyot jalaaen puny kee, deep dharen har chor

deep dharen har chor, kaalimaa mite hriiday kee

phaile dhawal prakaash, raat aae chir jay kee

sukh degaa tab meet, deep kaa parv hamaaraa

ho antar se door, paap kaa jab andhiyaaraa

कुंडलिया छंद

जब अँधियारा पाप का, फैले चारों ओर।

ज्योत जलाएँ पुण्य की, दीप धरें हर छोर।

दीप धरें हर छोर, कालिमा मिटे हृदय की

फैले धवल प्रकाश, रात आए चिर जय की।

सुख देगा तब मीत, दीप का पर्व हमारा

हो अंतर से दूर, पाप का जब अँधियारा।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗