कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ५१ / ६३ № 51 of 63 रचना ५१ / ६३
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९

जगमग तारों से भरा jagamag taaron se bharaa जगमग तारों से भरा

कुंडलिया छंद

जगमग तारों से भरा, सजा गगन का थाल।

आज अमावस रात है, लाई तम का काल।

लाई तम का काल, जले दीपक घर-घर में

और पर्व का दौर, चला हर गाँव शहर में

एक नया उल्लास, धरा पर बिखरा पग-पग

सजा गगन का थाल, भरा तारों से जगमग।

kundaliyaa chand

·

jagamag taaron se bharaa, sajaa gagan kaa thaal

aaj amaawas raat hai, laaee tam kaa kaal

laaee tam kaa kaal, jale deepak ghar-ghar men

aur parv kaa daur, chalaa har gaanv shahar men

ek nayaa ullaas, dharaa par bikharaa pag-pag

sajaa gagan kaa thaal, bharaa taaron se jagamag

कुंडलिया छंद

जगमग तारों से भरा, सजा गगन का थाल।

आज अमावस रात है, लाई तम का काल।

लाई तम का काल, जले दीपक घर-घर में

और पर्व का दौर, चला हर गाँव शहर में

एक नया उल्लास, धरा पर बिखरा पग-पग

सजा गगन का थाल, भरा तारों से जगमग।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗