कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९
कथा पुरातन कह रहा kathaa puraatan kah rahaa कथा पुरातन कह रहा
कुंडलिया छंद
॥
कथा पुरातन कह रहा, दीप पर्व यह खास।
घर लौटे थे राम जी, कर पूरा वनवास।
कर पूरा वनवास, विजय रावण पर पाई
दीप जले हर द्वार, राज्य ने खुशी मनाई।
उसी काल से रीत, चली आई यह पावन
दीप पर्व यह खास कह रहा कथा पुरातन।
kundaliyaa chand
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kathaa puraatan kah rahaa, deep parv yah khaas
ghar laute the raam jee, kar pooraa wanawaas
kar pooraa wanawaas, wijay raawan par paaee
deep jale har dvaar, raajy ne khushee manaaee
usee kaal se reet, chalee aaee yah paawan
deep parv yah khaas kah rahaa kathaa puraatan
कुंडलिया छंद
॥
कथा पुरातन कह रहा, दीप पर्व यह खास।
घर लौटे थे राम जी, कर पूरा वनवास।
कर पूरा वनवास, विजय रावण पर पाई
दीप जले हर द्वार, राज्य ने खुशी मनाई।
उसी काल से रीत, चली आई यह पावन
दीप पर्व यह खास कह रहा कथा पुरातन।