कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ५२ / ६३ № 52 of 63 रचना ५२ / ६३
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९

कथा पुरातन कह रहा kathaa puraatan kah rahaa कथा पुरातन कह रहा

कुंडलिया छंद

कथा पुरातन कह रहा, दीप पर्व यह खास।

घर लौटे थे राम जी, कर पूरा वनवास।

कर पूरा वनवास, विजय रावण पर पाई

दीप जले हर द्वार, राज्य ने खुशी मनाई।

उसी काल से रीत, चली आई यह पावन

दीप पर्व यह खास कह रहा कथा पुरातन।

kundaliyaa chand

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kathaa puraatan kah rahaa, deep parv yah khaas

ghar laute the raam jee, kar pooraa wanawaas

kar pooraa wanawaas, wijay raawan par paaee

deep jale har dvaar, raajy ne khushee manaaee

usee kaal se reet, chalee aaee yah paawan

deep parv yah khaas kah rahaa kathaa puraatan

कुंडलिया छंद

कथा पुरातन कह रहा, दीप पर्व यह खास।

घर लौटे थे राम जी, कर पूरा वनवास।

कर पूरा वनवास, विजय रावण पर पाई

दीप जले हर द्वार, राज्य ने खुशी मनाई।

उसी काल से रीत, चली आई यह पावन

दीप पर्व यह खास कह रहा कथा पुरातन।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗