कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९
पत्र लिखा है पुत्र ने patr likhaa hai putr ne पत्र लिखा है पुत्र ने
कुंडलिया छंद
॥
पत्र लिखा है पुत्र ने, आएगा इस बार।
दीप जलाने साथ में, फिर पुरखों के द्वार।
फिर पुरखों के द्वार, पर्व की धूम मचेगी।
भक्ति भाव के साथ, लक्ष्मी-मातु पुजेगी।
माँ के मुख पर आज, अनोखा रंग दिखा है
आएगा इस बार, पुत्र ने पत्र लिखा है।
kundaliyaa chand
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patr likhaa hai putr ne, aaegaa is baar
deep jalaane saath men, phir purakhon ke dvaar
phir purakhon ke dvaar, parv kee dhoom machegee
bhakti bhaaw ke saath, lakshmee-maatu pujegee
maan ke mukh par aaj, anokhaa rang dikhaa hai
aaegaa is baar, putr ne patr likhaa hai
कुंडलिया छंद
॥
पत्र लिखा है पुत्र ने, आएगा इस बार।
दीप जलाने साथ में, फिर पुरखों के द्वार।
फिर पुरखों के द्वार, पर्व की धूम मचेगी।
भक्ति भाव के साथ, लक्ष्मी-मातु पुजेगी।
माँ के मुख पर आज, अनोखा रंग दिखा है
आएगा इस बार, पुत्र ने पत्र लिखा है।