कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ५३ / ६३ № 53 of 63 रचना ५३ / ६३
२५ अक्तूबर २०१९ 25 October 2019 २५ अक्तूबर २०१९

पत्र लिखा है पुत्र ने patr likhaa hai putr ne पत्र लिखा है पुत्र ने

कुंडलिया छंद

पत्र लिखा है पुत्र ने, आएगा इस बार।

दीप जलाने साथ में, फिर पुरखों के द्वार।

फिर पुरखों के द्वार, पर्व की धूम मचेगी।

भक्ति भाव के साथ, लक्ष्मी-मातु पुजेगी।

माँ के मुख पर आज, अनोखा रंग दिखा है

आएगा इस बार, पुत्र ने पत्र लिखा है।

kundaliyaa chand

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patr likhaa hai putr ne, aaegaa is baar

deep jalaane saath men, phir purakhon ke dvaar

phir purakhon ke dvaar, parv kee dhoom machegee

bhakti bhaaw ke saath, lakshmee-maatu pujegee

maan ke mukh par aaj, anokhaa rang dikhaa hai

aaegaa is baar, putr ne patr likhaa hai

कुंडलिया छंद

पत्र लिखा है पुत्र ने, आएगा इस बार।

दीप जलाने साथ में, फिर पुरखों के द्वार।

फिर पुरखों के द्वार, पर्व की धूम मचेगी।

भक्ति भाव के साथ, लक्ष्मी-मातु पुजेगी।

माँ के मुख पर आज, अनोखा रंग दिखा है

आएगा इस बार, पुत्र ने पत्र लिखा है।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗