गर्मी करे विहार garmee kare wihaar गर्मी करे विहार
गर्मी में देखो सखी, तरणताल का जोश।
लोहा लेने धूप से, खोला राहत-कोश।
खोला राहत-कोश, जानता है यह ज्ञानी
जल निगले जब काल, उसे बनना है दानी।
कितना सखी उदार, ताल यह सेवाकर्मी
बनकर शीत फुहार, हर रहा जन की गर्मी।
जब-जब आकर भूमि पर, गर्मी करे विहार
मित्रों तब उसका करें, मनचाहा सत्कार
मनचाहा सत्कार, सुराही जल भर लाएँ
फल सलाद के साथ, दही का पात्र सजाएँ
जो
garmee men dekho sakhee, taranataal kaa josh
lohaa lene dhoop se, kholaa raahat-kosh
kholaa raahat-kosh, jaanataa hai yah jnaanee
jal nigale jab kaal, use bananaa hai daanee
kitanaa sakhee udaar, taal yah sewaakarmee
banakar sheet phuhaar, har rahaa jan kee garmee
jab-jab aakar bhoomi par, garmee kare wihaar
mitron tab usakaa karen, manachaahaa satkaar
manachaahaa satkaar, suraahee jal bhar laaen
phal salaad ke saath, dahee kaa paatr sajaaen
jo
गर्मी में देखो सखी, तरणताल का जोश।
लोहा लेने धूप से, खोला राहत-कोश।
खोला राहत-कोश, जानता है यह ज्ञानी
जल निगले जब काल, उसे बनना है दानी।
कितना सखी उदार, ताल यह सेवाकर्मी
बनकर शीत फुहार, हर रहा जन की गर्मी।
जब-जब आकर भूमि पर, गर्मी करे विहार
मित्रों तब उसका करें, मनचाहा सत्कार
मनचाहा सत्कार, सुराही जल भर लाएँ
फल सलाद के साथ, दही का पात्र सजाएँ
जो