कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १२३ / १६३ № 123 of 163 रचना १२३ / १६३
३० अप्रैल २०१६ 30 April 2016 ३० अप्रैल २०१६

जुड़े हुए फुटपाथों से jude hue phutapaathon se जुड़े हुए फुटपाथों से

जिनसे जुड़तीं कई इमारतें

जुड़े हुए फुटपाथों से।

ये मजदूर निरे मतवाले

यहाँ वहाँ हैं ड़ेरा डाले।

कुछ रुपयों की मिले दिहाड़ी

जुट जाते हैं चंद निवाले।

दिन भर बोझ तगारी ढोते

चैन जुड़ा है रातों से

क्या किस्मत दीनों ने पाई

गिरें पड़ें तो राम दुहाई।

साँसें बंधक,

मरते दम तक

दौलत से तुलती भरपाई।

शोषण से शोणित का रिश्ता

गठबंधन है घातों से।

जंग लगे शासन के पुर्जे

jinase judateen kaee imaaraten

·

jude hue phutapaathon se

·

ye majadoor nire matawaale

·

yahaan wahaan hain deraa daale

·

kuch rupayon kee mile dihaadee

·

jut jaate hain chand niwaale

·

din bhar bojh tagaaree dhote

·

chain judaa hai raaton se

·

kyaa kismat deenon ne paaee

·

giren paden to raam duhaaee

·

saansen bandhak,

marate dam tak

·

daulat se tulatee bharapaaee

·

shoshan se shonit kaa rishtaa

·

gathabandhan hai ghaaton se

·

jang lage shaasan ke purje

जिनसे जुड़तीं कई इमारतें

जुड़े हुए फुटपाथों से।

ये मजदूर निरे मतवाले

यहाँ वहाँ हैं ड़ेरा डाले।

कुछ रुपयों की मिले दिहाड़ी

जुट जाते हैं चंद निवाले।

दिन भर बोझ तगारी ढोते

चैन जुड़ा है रातों से

क्या किस्मत दीनों ने पाई

गिरें पड़ें तो राम दुहाई।

साँसें बंधक,

मरते दम तक

दौलत से तुलती भरपाई।

शोषण से शोणित का रिश्ता

गठबंधन है घातों से।

जंग लगे शासन के पुर्जे

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗