कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १२४ / १६४ № 124 of 164 रचना १२४ / १६४
३० अप्रैल २०१६ 30 April 2016 ३० अप्रैल २०१६

जुड़े हुए फुटपाथों से jude hue phutapaathon se जुड़े हुए फुटपाथों से

जिनसे जुड़तीं कई इमारतें

॥

जुड़े हुए फुटपाथों से।

॥

ये मजदूर निरे मतवाले

॥

यहाँ वहाँ हैं ड़ेरा डाले।

॥

कुछ रुपयों की मिले दिहाड़ी

॥

जुट जाते हैं चंद निवाले।

॥

दिन भर बोझ तगारी ढोते

॥

चैन जुड़ा है रातों से

॥

क्या किस्मत दीनों ने पाई

॥

गिरें पड़ें तो राम दुहाई।

॥

साँसें बंधक,

मरते दम तक

॥

दौलत से तुलती भरपाई।

॥

शोषण से शोणित का रिश्ता

॥

गठबंधन है घातों से।

॥

जंग लगे शासन के पुर्जे

jinase judateen kaee imaaraten

·

jude hue phutapaathon se

·

ye majadoor nire matawaale

·

yahaan wahaan hain deraa daale

·

kuch rupayon kee mile dihaadee

·

jut jaate hain chand niwaale

·

din bhar bojh tagaaree dhote

·

chain judaa hai raaton se

·

kyaa kismat deenon ne paaee

·

giren paden to raam duhaaee

·

saansen bandhak,

marate dam tak

·

daulat se tulatee bharapaaee

·

shoshan se shonit kaa rishtaa

·

gathabandhan hai ghaaton se

·

jang lage shaasan ke purje

जिनसे जुड़तीं कई इमारतें

॥

जुड़े हुए फुटपाथों से।

॥

ये मजदूर निरे मतवाले

॥

यहाँ वहाँ हैं ड़ेरा डाले।

॥

कुछ रुपयों की मिले दिहाड़ी

॥

जुट जाते हैं चंद निवाले।

॥

दिन भर बोझ तगारी ढोते

॥

चैन जुड़ा है रातों से

॥

क्या किस्मत दीनों ने पाई

॥

गिरें पड़ें तो राम दुहाई।

॥

साँसें बंधक,

मरते दम तक

॥

दौलत से तुलती भरपाई।

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शोषण से शोणित का रिश्ता

॥

गठबंधन है घातों से।

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जंग लगे शासन के पुर्जे

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗