नया वर्ष, ईश्वर करे... nayaa warsh, eeshvar kare नया वर्ष, ईश्वर करे...
दिशा दिशा में धूम है, गूँज रहा संगीत।
नया वर्ष, ईश्वर करे, बने सभी का मीत।
बने सभी का मीत, प्रीत के अंकुर
फूटें।
खुशहाली के पेड़, उगें फल मिलकर
लूटें।
आएगी नव भोर, विश्व की, अर्ध निशा में
गूँज रहा संगीत, धूम है दिशा
दिशा में।
शहरों से की प्रार्थना, गाँवों ने इस
बार।
नए बरस को बंधुओं, भेजो हमरे
द्वार।
भेजो हमरे द्वार, तरक्की हम भी
चाहें।
सूखे रहें न खेत, स्वर्ण
dishaa dishaa men dhoom hai, goonj rahaa sangeet
nayaa warsh, eeshvar kare, bane sabhee kaa meet
bane sabhee kaa meet, preet ke ankur
phooten
khushahaalee ke ped, ugen phal milakar
looten
aaegee naw bhor, wishv kee, ardh nishaa men
goonj rahaa sangeet, dhoom hai dishaa
dishaa men
shaharon se kee praarthanaa, gaanvon ne is
baar
nae baras ko bandhuon, bhejo hamare
dvaar
bhejo hamare dvaar, tarakkee ham bhee
chaahen
sookhe rahen n khet, svarn
दिशा दिशा में धूम है, गूँज रहा संगीत।
नया वर्ष, ईश्वर करे, बने सभी का मीत।
बने सभी का मीत, प्रीत के अंकुर
फूटें।
खुशहाली के पेड़, उगें फल मिलकर
लूटें।
आएगी नव भोर, विश्व की, अर्ध निशा में
गूँज रहा संगीत, धूम है दिशा
दिशा में।
शहरों से की प्रार्थना, गाँवों ने इस
बार।
नए बरस को बंधुओं, भेजो हमरे
द्वार।
भेजो हमरे द्वार, तरक्की हम भी
चाहें।
सूखे रहें न खेत, स्वर्ण