कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना २१ / ६३ № 21 of 63 रचना २१ / ६३
१ जनवरी २०१३ 1 January 2013 १ जनवरी २०१३

नया वर्ष, ईश्वर करे... nayaa warsh, eeshvar kare नया वर्ष, ईश्वर करे...

दिशा दिशा में धूम है, गूँज रहा संगीत।

नया वर्ष, ईश्वर करे, बने सभी का मीत।

बने सभी का मीत, प्रीत के अंकुर

फूटें।

खुशहाली के पेड़, उगें फल मिलकर

लूटें।

आएगी नव भोर, विश्व की, अर्ध निशा में

गूँज रहा संगीत, धूम है दिशा

दिशा में।

शहरों से की प्रार्थना, गाँवों ने इस

बार।

नए बरस को बंधुओं, भेजो हमरे

द्वार।

भेजो हमरे द्वार, तरक्की हम भी

चाहें।

सूखे रहें न खेत, स्वर्ण

dishaa dishaa men dhoom hai, goonj rahaa sangeet

·

nayaa warsh, eeshvar kare, bane sabhee kaa meet

·

bane sabhee kaa meet, preet ke ankur

phooten

·

khushahaalee ke ped, ugen phal milakar

looten

aaegee naw bhor, wishv kee, ardh nishaa men

·

goonj rahaa sangeet, dhoom hai dishaa

dishaa men

·

shaharon se kee praarthanaa, gaanvon ne is

baar

·

nae baras ko bandhuon, bhejo hamare

dvaar

·

bhejo hamare dvaar, tarakkee ham bhee

chaahen

·

sookhe rahen n khet, svarn

दिशा दिशा में धूम है, गूँज रहा संगीत।

नया वर्ष, ईश्वर करे, बने सभी का मीत।

बने सभी का मीत, प्रीत के अंकुर

फूटें।

खुशहाली के पेड़, उगें फल मिलकर

लूटें।

आएगी नव भोर, विश्व की, अर्ध निशा में

गूँज रहा संगीत, धूम है दिशा

दिशा में।

शहरों से की प्रार्थना, गाँवों ने इस

बार।

नए बरस को बंधुओं, भेजो हमरे

द्वार।

भेजो हमरे द्वार, तरक्की हम भी

चाहें।

सूखे रहें न खेत, स्वर्ण

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗