कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ८ / ६३ № 8 of 63 रचना ८ / ६३
२३ अक्तूबर २०१२ 23 October 2012 २३ अक्तूबर २०१२

बीते दिन बरसात के beete din barasaat ke बीते दिन बरसात के

बीते दिन बरसात के आया फिर मधुमास।

पात पात के गात पर, दिखा नवल उल्लास।

दिखा नवल उल्लास, सुहाना मौसम आया

मधुर मधुर अहसास, शीत का मन को भाया।

सजल हुए सब स्रोत, कल तलक जो थे रीते

आया फिर मधुमास, दिवस बारिश के

बीते।

अमृत वर्षा कर चले, बादल अपने धाम।

हरियाली लिखकर गए, धरती माँ के नाम।

धरती माँ के नाम, पल्लवित होगा वैभव

दीप पर्व के साथ,

beete din barasaat ke aayaa phir madhumaas

paat paat ke gaat par, dikhaa nawal ullaas

dikhaa nawal ullaas, suhaanaa mausam aayaa

·

madhur madhur ahasaas, sheet kaa man ko bhaayaa

·

sajal hue sab srot, kal talak jo the reete

·

aayaa phir madhumaas, diwas baarish ke

beete

·

amriit warshaa kar chale, baadal apane dhaam

·

hariyaalee likhakar gae, dharatee maan ke naam

·

dharatee maan ke naam, pallawit hogaa waibhaw

·

deep parv ke saath,

बीते दिन बरसात के आया फिर मधुमास।

पात पात के गात पर, दिखा नवल उल्लास।

दिखा नवल उल्लास, सुहाना मौसम आया

मधुर मधुर अहसास, शीत का मन को भाया।

सजल हुए सब स्रोत, कल तलक जो थे रीते

आया फिर मधुमास, दिवस बारिश के

बीते।

अमृत वर्षा कर चले, बादल अपने धाम।

हरियाली लिखकर गए, धरती माँ के नाम।

धरती माँ के नाम, पल्लवित होगा वैभव

दीप पर्व के साथ,

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗