कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ९ / ६३ № 9 of 63 रचना ९ / ६३
२३ अक्तूबर २०१२ 23 October 2012 २३ अक्तूबर २०१२

हम बच्चे इस देश के ham bachche is desh ke हम बच्चे इस देश के

हम बच्चे इस देश के, नन्हें सजग सपूत।

सद्पथ पर चलते सदा, विश्व शांति के दूत।

विश्व शांति के दूत, देश का नाम करेंगे

जन-जन के मन प्रेम, त्याग के भाव

भरेंगे।

जीतेंगे हर जंग, जब तलक बाहों में

दम

नन्हें सजग सपूत, देश के बच्चे हैं

हम।

----------------------------

बच्चे क्या जानें भला, कपट, द्वेष या बैर।

सबको अपना मानते, दिखे न कोई गैर।

दिखे न कोई गैर, सभी से हिल मिल

ham bachche is desh ke, nanhen sajag sapoot

·

sadpath par chalate sadaa, wishv shaanti ke doot

·

wishv shaanti ke doot, desh kaa naam karenge

·

jan-jan ke man prem, tyaag ke bhaaw

bharenge

·

jeetenge har jang, jab talak baahon men

dam

·

nanhen sajag sapoot, desh ke bachche hain

ham

·

----------------------------

·

bachche kyaa jaanen bhalaa, kapat, dvesh yaa bair

·

sabako apanaa maanate, dikhe n koee gair

·

dikhe n koee gair, sabhee se hil mil

हम बच्चे इस देश के, नन्हें सजग सपूत।

सद्पथ पर चलते सदा, विश्व शांति के दूत।

विश्व शांति के दूत, देश का नाम करेंगे

जन-जन के मन प्रेम, त्याग के भाव

भरेंगे।

जीतेंगे हर जंग, जब तलक बाहों में

दम

नन्हें सजग सपूत, देश के बच्चे हैं

हम।

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बच्चे क्या जानें भला, कपट, द्वेष या बैर।

सबको अपना मानते, दिखे न कोई गैर।

दिखे न कोई गैर, सभी से हिल मिल

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗