कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना २४ / ६३ № 24 of 63 रचना २४ / ६३
२५ जनवरी २०१३ 25 January 2013 २५ जनवरी २०१३

शुभ दिन आया साथियों shubh din aayaa saathiyon शुभ दिन आया साथियों

शुभ दिन आया साथियो, आज तिरंगे संग।

॥

गहरे भाव प्रतीक हैं, झंडे के ये रंग।

॥

झंडे के ये रंग, कहे केसरिया हमसे

॥

बलिदानों ने मुक्त, किया भारत को तम से।

॥

श्वेत शांति का दूत, हरे संग खुशियाँ हर दिन।

॥

चक्र रखे गतिमान, मुबारक सबको शुभ दिन।

॥

लहराएँगे शान से, आज तिरंगा तान।

॥

इस दिन भारत देश का, बना नया संविधान।

॥

बना नया संविधान, बहुत यह दिन पावन

shubh din aayaa saathiyo, aaj tirange sang

·

gahare bhaaw prateek hain, jhande ke ye rang

·

jhande ke ye rang, kahe kesariyaa hamase

·

balidaanon ne mukt, kiyaa bhaarat ko tam se

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shvet shaanti kaa doot, hare sang khushiyaan har din

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chakr rakhe gatimaan, mubaarak sabako shubh din

·

laharaaenge shaan se, aaj tirangaa taan

·

is din bhaarat desh kaa, banaa nayaa sanvidhaan

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banaa nayaa sanvidhaan, bahut yah din paawan

शुभ दिन आया साथियो, आज तिरंगे संग।

॥

गहरे भाव प्रतीक हैं, झंडे के ये रंग।

॥

झंडे के ये रंग, कहे केसरिया हमसे

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बलिदानों ने मुक्त, किया भारत को तम से।

॥

श्वेत शांति का दूत, हरे संग खुशियाँ हर दिन।

॥

चक्र रखे गतिमान, मुबारक सबको शुभ दिन।

॥

लहराएँगे शान से, आज तिरंगा तान।

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इस दिन भारत देश का, बना नया संविधान।

॥

बना नया संविधान, बहुत यह दिन पावन

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗