कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ५६ / ६३ № 56 of 63 रचना ५६ / ६३
१० नवम्बर २०१९ 10 November 2019 १० नवम्बर २०१९

मिलता है बहु पुण्य से milataa hai bahu puny se मिलता है बहु पुण्य से

मिलता है बहु पुण्य से

माँ का माथे हाथ।

करें नमन माँ शक्ति को

भक्ति भाव के साथ।

भक्ति भाव के साथ

पूर्ण हों सकल इरादे

शुभ ममत्व की छाँव

दुष्टतम दोष मिटा दे।

कहनी इतनी बात

सुमन सा जीवन खिलता

माथे माँ का हाथ

कई पुण्यों से मिलता।

शैशव बीता गोद में

बचपन भी भय मुक्त।

यौवन में आशीष सब

मातृ-स्नेह से युक्त।

मातृ-स्नेह से युक्त

मिले वरदान अनगिने।

सोए सुरभित सेज

बुन लिए सुंदर सपने।

माँ पर दें हम वार

मिला जो हमको वैभव

आजीवन हो याद

सुहाना बचपन, शैशव।

milataa hai bahu puny se

maan kaa maathe haath

karen naman maan shakti ko

bhakti bhaaw ke saath

bhakti bhaaw ke saath

poorn hon sakal iraade

shubh mamatv kee chaanv

dushtatam dosh mitaa de

kahanee itanee baat

suman saa jeewan khilataa

maathe maan kaa haath

kaee punyon se milataa

·

shaishaw beetaa god men

bachapan bhee bhay mukt

yauwan men aasheesh sab

maatrii-sneh se yukt

maatrii-sneh se yukt

mile waradaan anagine

soe surabhit sej

bun lie sundar sapane

maan par den ham waar

milaa jo hamako waibhaw

aajeewan ho yaad

suhaanaa bachapan, shaishaw

मिलता है बहु पुण्य से

माँ का माथे हाथ।

करें नमन माँ शक्ति को

भक्ति भाव के साथ।

भक्ति भाव के साथ

पूर्ण हों सकल इरादे

शुभ ममत्व की छाँव

दुष्टतम दोष मिटा दे।

कहनी इतनी बात

सुमन सा जीवन खिलता

माथे माँ का हाथ

कई पुण्यों से मिलता।

शैशव बीता गोद में

बचपन भी भय मुक्त।

यौवन में आशीष सब

मातृ-स्नेह से युक्त।

मातृ-स्नेह से युक्त

मिले वरदान अनगिने।

सोए सुरभित सेज

बुन लिए सुंदर सपने।

माँ पर दें हम वार

मिला जो हमको वैभव

आजीवन हो याद

सुहाना बचपन, शैशव।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗