माँ पूजा माँ आरती maan poojaa maan aaratee माँ पूजा माँ आरती
माँ
पूजा, माँ
आरती, माँ
को मानें ईश।
आँचल
में अमृत भरा, मुख पर शुभ आशीष।
मुख
पर शुभ आशीष, भरी ममता से झोली
दुख
लेकर सुख बाँट, बहुत खुश होती भोली।
कहनी इतनी बात, जानिए माँ की
महिमा
प्रातः
का यह मंत्र, वेद सी पावन है माँ!
माँ
की ममता में निहित, यह अनंत आकाश।
गहराई
है नीर सी, जगमग सूर्य प्रकाश।
जगमग
सूर्य प्रकाश, स्वर्ग है यह धरती का
अगर
न इसकी ओट, दिखेगा हर सुख फीका।
maan
poojaa, maan
aaratee, maan
ko maanen eesh
aanchal
men amriit bharaa, mukh par shubh aasheesh
mukh
par shubh aasheesh, bharee mamataa se jholee
dukh
lekar sukh baant, bahut khush hotee bholee
kahanee itanee baat, jaanie maan kee
mahimaa
praatah
kaa yah mantr, wed see paawan hai maan!
maan
kee mamataa men nihit, yah anant aakaash
gaharaaee
hai neer see, jagamag soory prakaash
jagamag
soory prakaash, svarg hai yah dharatee kaa
agar
n isakee ot, dikhegaa har sukh pheekaa
माँ
पूजा, माँ
आरती, माँ
को मानें ईश।
आँचल
में अमृत भरा, मुख पर शुभ आशीष।
मुख
पर शुभ आशीष, भरी ममता से झोली
दुख
लेकर सुख बाँट, बहुत खुश होती भोली।
कहनी इतनी बात, जानिए माँ की
महिमा
प्रातः
का यह मंत्र, वेद सी पावन है माँ!
माँ
की ममता में निहित, यह अनंत आकाश।
गहराई
है नीर सी, जगमग सूर्य प्रकाश।
जगमग
सूर्य प्रकाश, स्वर्ग है यह धरती का
अगर
न इसकी ओट, दिखेगा हर सुख फीका।