कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १३ / १६४ № 13 of 164 रचना १३ / १६४
२१ जनवरी २०१३ 21 January 2013 २१ जनवरी २०१३

आज की नारी aaj kee naaree आज की नारी

सदियों से अबला कहलाई

॥

आज सबल वो नारी है

॥

काट चली है सभी बेड़ियाँ

॥

उड़ने की तैयारी है।

॥

हक़ अपना छीना है जग से

॥

जिसकी थी हकदार सदा

॥

कठपुतली वो आज नहीं है

॥

जय कर ली है हर विपदा।

॥

गृहशोभा का तमगा तोड़ा

॥

गृह स्तंभ बलधारी है।

॥

परदे की परतों को चीरा

॥

चाँद पे पैर पसारे हैं

॥

मुट्ठी में आकाश थामकर

॥

बस में किए सितारे हैं।

॥

पायल कंगन साड़ी छूटी

॥

जींस टॉप की बारी है।

॥

प्रेम,त्याग

sadiyon se abalaa kahalaaee

·

aaj sabal wo naaree hai

·

kaat chalee hai sabhee bediyaan

·

udane kee taiyaaree hai

·

haq apanaa cheenaa hai jag se

·

jisakee thee hakadaar sadaa

·

kathaputalee wo aaj naheen hai

·

jay kar lee hai har wipadaa

·

griihashobhaa kaa tamagaa todaa

·

griih stanbh baladhaaree hai

·

parade kee paraton ko cheeraa

·

chaand pe pair pasaare hain

·

mutthee men aakaash thaamakar

·

bas men kie sitaare hain

·

paayal kangan saadee chootee

·

jeens tॉp kee baaree hai

·

prem,tyaag

सदियों से अबला कहलाई

॥

आज सबल वो नारी है

॥

काट चली है सभी बेड़ियाँ

॥

उड़ने की तैयारी है।

॥

हक़ अपना छीना है जग से

॥

जिसकी थी हकदार सदा

॥

कठपुतली वो आज नहीं है

॥

जय कर ली है हर विपदा।

॥

गृहशोभा का तमगा तोड़ा

॥

गृह स्तंभ बलधारी है।

॥

परदे की परतों को चीरा

॥

चाँद पे पैर पसारे हैं

॥

मुट्ठी में आकाश थामकर

॥

बस में किए सितारे हैं।

॥

पायल कंगन साड़ी छूटी

॥

जींस टॉप की बारी है।

॥

प्रेम,त्याग

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗