आज की नारी aaj kee naaree आज की नारी
सदियों से अबला कहलाई
आज सबल वो नारी है
काट चली है सभी बेड़ियाँ
उड़ने की तैयारी है।
हक़ अपना छीना है जग से
जिसकी थी हकदार सदा
कठपुतली वो आज नहीं है
जय कर ली है हर विपदा।
गृहशोभा का तमगा तोड़ा
गृह स्तंभ बलधारी है।
परदे की परतों को चीरा
चाँद पे पैर पसारे हैं
मुट्ठी में आकाश थामकर
बस में किए सितारे हैं।
पायल कंगन साड़ी छूटी
जींस टॉप की बारी है।
प्रेम,त्याग
sadiyon se abalaa kahalaaee
aaj sabal wo naaree hai
kaat chalee hai sabhee bediyaan
udane kee taiyaaree hai
haq apanaa cheenaa hai jag se
jisakee thee hakadaar sadaa
kathaputalee wo aaj naheen hai
jay kar lee hai har wipadaa
griihashobhaa kaa tamagaa todaa
griih stanbh baladhaaree hai
parade kee paraton ko cheeraa
chaand pe pair pasaare hain
mutthee men aakaash thaamakar
bas men kie sitaare hain
paayal kangan saadee chootee
jeens tॉp kee baaree hai
prem,tyaag
सदियों से अबला कहलाई
आज सबल वो नारी है
काट चली है सभी बेड़ियाँ
उड़ने की तैयारी है।
हक़ अपना छीना है जग से
जिसकी थी हकदार सदा
कठपुतली वो आज नहीं है
जय कर ली है हर विपदा।
गृहशोभा का तमगा तोड़ा
गृह स्तंभ बलधारी है।
परदे की परतों को चीरा
चाँद पे पैर पसारे हैं
मुट्ठी में आकाश थामकर
बस में किए सितारे हैं।
पायल कंगन साड़ी छूटी
जींस टॉप की बारी है।
प्रेम,त्याग