सूरज निकला सैर को sooraj nikalaa sair ko सूरज निकला सैर को
सूरज निकला सैर को, बड़े जोश के साथ।
सहमी सहमी शीत ने, जोड़ लिए अब हाथ।
जोड़ लिए अब हाथ, विदाई सबसे माँगी
फि आने की बात,कही, ज़िद अपनीत्यागी।
समय हुआ अनुकूल, दिवस का पारा
उछला,
बड़े जोश के साथ, सैर को सूरज
निकला।
राहत दे दी सूर्य ने, आहत है अब ठंड।
बोरा बिस्तर बाँधके, छोड़ा राज अखंड।
छोड़ा राज अखंड, चली अपने घर
वापस,
नव किरणों के साथ, उमंगें लाया
तापस।
सरल हुए सब काम,
sooraj nikalaa sair ko, bade josh ke saath
sahamee sahamee sheet ne, jod lie ab haath
jod lie ab haath, widaaee sabase maangee
phi aane kee baat,kahee, zid apaneetyaagee
samay huaa anukool, diwas kaa paaraa
uchalaa,
bade josh ke saath, sair ko sooraj
nikalaa
raahat de dee soory ne, aahat hai ab thand
boraa bistar baandhake, chodaa raaj akhand
chodaa raaj akhand, chalee apane ghar
waapas,
naw kiranon ke saath, umangen laayaa
taapas
saral hue sab kaam,
सूरज निकला सैर को, बड़े जोश के साथ।
सहमी सहमी शीत ने, जोड़ लिए अब हाथ।
जोड़ लिए अब हाथ, विदाई सबसे माँगी
फि आने की बात,कही, ज़िद अपनीत्यागी।
समय हुआ अनुकूल, दिवस का पारा
उछला,
बड़े जोश के साथ, सैर को सूरज
निकला।
राहत दे दी सूर्य ने, आहत है अब ठंड।
बोरा बिस्तर बाँधके, छोड़ा राज अखंड।
छोड़ा राज अखंड, चली अपने घर
वापस,
नव किरणों के साथ, उमंगें लाया
तापस।
सरल हुए सब काम,