कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ३७ / ६३ № 37 of 63 रचना ३७ / ६३
५ सितम्बर २०१३ 5 September 2013 ५ सितम्बर २०१३

हिन्दी की सेवा करूँ hindee kee sewaa karoon हिन्दी की सेवा करूँ

पुनर्जन्म

है सच अगर, चाहूँ मैं हर बार

॥

हिन्दी

की सेवा करूँ, जन्मूँ बारम्बार।

॥

जन्मूँ

बारम्बार, देश

में अलख जगाऊँ

॥

करने

को विस्तार, नए कानून बनाऊँ।

॥

कहनी इतनी बात, एक यह जीवन कम है

॥

जन्मूँ

बारम्बार, सच

अगर पुनर्जन्म है।

॥

हिन्दी भाषा श्रेष्ठतम, अद्भुत

इसकी शान।

॥

विविध विधागत काव्य से, भरी हुई यह खान

॥

भरी हुई यह खान, अगर गहरे जाएँगे

॥

मोती

बहु अनमोल, हाथ अपने पाएँगे।

॥

करें

पूर्ण सम्मान

punarjanm

hai sach agar, chaahoon main har baar

·

hindee

kee sewaa karoon, janmoon baarambaar

·

janmoon

baarambaar, desh

men alakh jagaaoon

·

karane

ko wistaar, nae kaanoon banaaoon

·

kahanee itanee baat, ek yah jeewan kam hai

·

janmoon

baarambaar, sach

agar punarjanm hai

·

hindee bhaashaa shreshthatam, adbhut

isakee shaan

·

wiwidh widhaagat kaavy se, bharee huee yah khaan

·

bharee huee yah khaan, agar gahare jaaenge

·

motee

bahu anamol, haath apane paaenge

·

karen

poorn sammaan

पुनर्जन्म

है सच अगर, चाहूँ मैं हर बार

॥

हिन्दी

की सेवा करूँ, जन्मूँ बारम्बार।

॥

जन्मूँ

बारम्बार, देश

में अलख जगाऊँ

॥

करने

को विस्तार, नए कानून बनाऊँ।

॥

कहनी इतनी बात, एक यह जीवन कम है

॥

जन्मूँ

बारम्बार, सच

अगर पुनर्जन्म है।

॥

हिन्दी भाषा श्रेष्ठतम, अद्भुत

इसकी शान।

॥

विविध विधागत काव्य से, भरी हुई यह खान

॥

भरी हुई यह खान, अगर गहरे जाएँगे

॥

मोती

बहु अनमोल, हाथ अपने पाएँगे।

॥

करें

पूर्ण सम्मान

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗