कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १६ / २०५ № 16 of 205 रचना १६ / २०५
६ सितम्बर २०१३ 6 September 2013 ६ सितम्बर २०१३

पेड़ पावन नीम का//गज़ल// ped paawan neem kaa//gazal// पेड़ पावन नीम का//गज़ल//

गर्मियों

में खिलखिलाता, पेड़ पावन नीम का।

॥

नम हवा की तह बिछाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

पीत होते पात सब पेड़ों

के जब वैसाख में

॥

लहलहाकर मुस्कुराता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

सब्ज़ पत्तों का चँदोवा, तानकर भर

दोपहर

॥

धूप

से राहत दिलाता, पेड़ पावन नीम का।

॥

छाँव इसकी दृष्ट होती, धूप में ज्यों

चाँदनी

॥

श्वेत पुष्पों से

रिझाता, पेड़ पावन नीम का।

॥

आसमाँ से जब फुहारें, तन पे पड़तीं

सावनी

॥

डाल पर झूला झुलाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

हाँफकर प्यासे परिंदे, आसरा जब

ढूँढते

॥

अंक में अपने बसाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

फूल, पत्ते, छाल, डाली, बाँटता बनकर

हक़ीम

॥

रोग हर जड़ से मिटाता, पेड़ पेड़ पावन

नीम का।

॥

शुद्धतम इसकी हवा है, ज्यों कोई

संजीवनी

॥

जीव-जन का प्राण दाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

गाँव हों या हों शहर, रोपें इसे, वर्धित करें

॥

साथ जन्मों तक निभाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

garmiyon

men khilakhilaataa, ped paawan neem kaa

·

nam hawaa kee tah bichaataa, ped paawan neem

kaa

·

peet hote paat sab pedon

ke jab waisaakh men

·

lahalahaakar muskuraataa, ped paawan neem

kaa

·

sabz patton kaa chandowaa, taanakar bhar

dopahar

·

dhoop

se raahat dilaataa, ped paawan neem kaa

·

chaanv isakee driisht hotee, dhoop men jyon

chaandanee

·

shvet pushpon se

rijhaataa, ped paawan neem kaa

·

aasamaan se jab phuhaaren, tan pe padateen

saawanee

·

daal par jhoolaa jhulaataa, ped paawan neem

kaa

·

haanphakar pyaase parinde, aasaraa jab

dhoondhate

·

ank men apane basaataa, ped paawan neem

kaa

·

phool, patte, chaal, daalee, baantataa banakar

haqeem

·

rog har jad se mitaataa, ped ped paawan

neem kaa

·

shuddhatam isakee hawaa hai, jyon koee

sanjeewanee

·

jeew-jan kaa praan daataa, ped paawan neem

kaa

·

gaanv hon yaa hon shahar, ropen ise, wardhit karen

·

saath janmon tak nibhaataa, ped paawan neem

kaa

·

- kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

गर्मियों

में खिलखिलाता, पेड़ पावन नीम का।

॥

नम हवा की तह बिछाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

पीत होते पात सब पेड़ों

के जब वैसाख में

॥

लहलहाकर मुस्कुराता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

सब्ज़ पत्तों का चँदोवा, तानकर भर

दोपहर

॥

धूप

से राहत दिलाता, पेड़ पावन नीम का।

॥

छाँव इसकी दृष्ट होती, धूप में ज्यों

चाँदनी

॥

श्वेत पुष्पों से

रिझाता, पेड़ पावन नीम का।

॥

आसमाँ से जब फुहारें, तन पे पड़तीं

सावनी

॥

डाल पर झूला झुलाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

हाँफकर प्यासे परिंदे, आसरा जब

ढूँढते

॥

अंक में अपने बसाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

फूल, पत्ते, छाल, डाली, बाँटता बनकर

हक़ीम

॥

रोग हर जड़ से मिटाता, पेड़ पेड़ पावन

नीम का।

॥

शुद्धतम इसकी हवा है, ज्यों कोई

संजीवनी

॥

जीव-जन का प्राण दाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

गाँव हों या हों शहर, रोपें इसे, वर्धित करें

॥

साथ जन्मों तक निभाता, पेड़ पावन नीम

का।

॥

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗