कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १५ / २०४ № 15 of 204 रचना १५ / २०४
६ सितम्बर २०१३ 6 September 2013 ६ सितम्बर २०१३

पेड़ पावन नीम का//गज़ल// ped paawan neem kaa//gazal// पेड़ पावन नीम का//गज़ल//

गर्मियों

में खिलखिलाता, पेड़ पावन नीम का।

नम हवा की तह बिछाता, पेड़ पावन नीम

का।

पीत होते पात सब पेड़ों

के जब वैसाख में

लहलहाकर मुस्कुराता, पेड़ पावन नीम

का।

सब्ज़ पत्तों का चँदोवा, तानकर भर

दोपहर

धूप

से राहत दिलाता, पेड़ पावन नीम का।

छाँव इसकी दृष्ट होती, धूप में ज्यों

चाँदनी

श्वेत पुष्पों से

रिझाता, पेड़ पावन नीम का।

आसमाँ से जब फुहारें, तन पे पड़तीं

सावनी

डाल पर झूला झुलाता, पेड़ पावन नीम

का।

हाँफकर प्यासे परिंदे, आसरा जब

ढूँढते

अंक में अपने बसाता, पेड़ पावन नीम

का।

फूल, पत्ते, छाल, डाली, बाँटता बनकर

हक़ीम

रोग हर जड़ से मिटाता, पेड़ पेड़ पावन

नीम का।

शुद्धतम इसकी हवा है, ज्यों कोई

संजीवनी

जीव-जन का प्राण दाता, पेड़ पावन नीम

का।

गाँव हों या हों शहर, रोपें इसे, वर्धित करें

साथ जन्मों तक निभाता, पेड़ पावन नीम

का।

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

garmiyon

men khilakhilaataa, ped paawan neem kaa

·

nam hawaa kee tah bichaataa, ped paawan neem

kaa

·

peet hote paat sab pedon

ke jab waisaakh men

·

lahalahaakar muskuraataa, ped paawan neem

kaa

·

sabz patton kaa chandowaa, taanakar bhar

dopahar

·

dhoop

se raahat dilaataa, ped paawan neem kaa

·

chaanv isakee driisht hotee, dhoop men jyon

chaandanee

·

shvet pushpon se

rijhaataa, ped paawan neem kaa

·

aasamaan se jab phuhaaren, tan pe padateen

saawanee

·

daal par jhoolaa jhulaataa, ped paawan neem

kaa

·

haanphakar pyaase parinde, aasaraa jab

dhoondhate

·

ank men apane basaataa, ped paawan neem

kaa

·

phool, patte, chaal, daalee, baantataa banakar

haqeem

·

rog har jad se mitaataa, ped ped paawan

neem kaa

·

shuddhatam isakee hawaa hai, jyon koee

sanjeewanee

·

jeew-jan kaa praan daataa, ped paawan neem

kaa

·

gaanv hon yaa hon shahar, ropen ise, wardhit karen

·

saath janmon tak nibhaataa, ped paawan neem

kaa

·

- kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

गर्मियों

में खिलखिलाता, पेड़ पावन नीम का।

नम हवा की तह बिछाता, पेड़ पावन नीम

का।

पीत होते पात सब पेड़ों

के जब वैसाख में

लहलहाकर मुस्कुराता, पेड़ पावन नीम

का।

सब्ज़ पत्तों का चँदोवा, तानकर भर

दोपहर

धूप

से राहत दिलाता, पेड़ पावन नीम का।

छाँव इसकी दृष्ट होती, धूप में ज्यों

चाँदनी

श्वेत पुष्पों से

रिझाता, पेड़ पावन नीम का।

आसमाँ से जब फुहारें, तन पे पड़तीं

सावनी

डाल पर झूला झुलाता, पेड़ पावन नीम

का।

हाँफकर प्यासे परिंदे, आसरा जब

ढूँढते

अंक में अपने बसाता, पेड़ पावन नीम

का।

फूल, पत्ते, छाल, डाली, बाँटता बनकर

हक़ीम

रोग हर जड़ से मिटाता, पेड़ पेड़ पावन

नीम का।

शुद्धतम इसकी हवा है, ज्यों कोई

संजीवनी

जीव-जन का प्राण दाता, पेड़ पावन नीम

का।

गाँव हों या हों शहर, रोपें इसे, वर्धित करें

साथ जन्मों तक निभाता, पेड़ पावन नीम

का।

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗