नाम कृष्ण का naam kriishn kaa नाम कृष्ण का
अंतर्घट की प्यास बुझाता, नाम कृष्ण का।
सदा मोक्ष का द्वार दिखाता, नाम कृष्ण का।
मानव-मन पर असुर दैत्य जब हावी होते
मलिन हृदय निर्मल कर जाता, नाम कृष्ण का।
भवसागर में जब नैया, हिचकोले खाती
बन पतवार, किनारे लाता, नाम कृष्ण का।
राह भटकता अन्तर्मन, आलोकित करके
गीता के संदेश सुनाता, नाम कृष्ण का।
निराकार है, पर देखें यदि, ध्यान लगाकर
सगुण ब्रह्म का बोध कराता, नाम कृष्ण का।
लाख बलाएँ, रोग, दोष, हों भू पर काबिज
हर बाधा को हर ले जाता, नाम कृष्ण का।
गोकुल-मथुरा मध्य उफनती, यमुना का जल
पुरा काल से याद दिलाता, नाम कृष्ण का।
भादों में जब कृष्ण जन्म का, पर्व मनाते
भारत-भू पावन कर जाता, नाम कृष्ण का।
यूँ तो हैं भगवान ‘कल्पना’ सभी बराबर
पर खुद से पहचान कराता, नाम कृष्ण का।
-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
antarghat kee pyaas bujhaataa, naam kriishn kaa
sadaa moksh kaa dvaar dikhaataa, naam kriishn kaa
maanaw-man par asur daity jab haawee hote
malin hriiday nirmal kar jaataa, naam kriishn kaa
bhawasaagar men jab naiyaa, hichakole khaatee
ban patawaar, kinaare laataa, naam kriishn kaa
raah bhatakataa antarman, aalokit karake
geetaa ke sandesh sunaataa, naam kriishn kaa
niraakaar hai, par dekhen yadi, dhyaan lagaakar
sagun brahm kaa bodh karaataa, naam kriishn kaa
laakh balaaen, rog, dosh, hon bhoo par kaabij
har baadhaa ko har le jaataa, naam kriishn kaa
gokul-mathuraa madhy uphanatee, yamunaa kaa jal
puraa kaal se yaad dilaataa, naam kriishn kaa
bhaadon men jab kriishn janm kaa, parv manaate
bhaarat-bhoo paawan kar jaataa, naam kriishn kaa
yoon to hain bhagawaan ‘kalpanaa’ sabhee baraabar
par khud se pahachaan karaataa, naam kriishn kaa
-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
अंतर्घट की प्यास बुझाता, नाम कृष्ण का।
सदा मोक्ष का द्वार दिखाता, नाम कृष्ण का।
मानव-मन पर असुर दैत्य जब हावी होते
मलिन हृदय निर्मल कर जाता, नाम कृष्ण का।
भवसागर में जब नैया, हिचकोले खाती
बन पतवार, किनारे लाता, नाम कृष्ण का।
राह भटकता अन्तर्मन, आलोकित करके
गीता के संदेश सुनाता, नाम कृष्ण का।
निराकार है, पर देखें यदि, ध्यान लगाकर
सगुण ब्रह्म का बोध कराता, नाम कृष्ण का।
लाख बलाएँ, रोग, दोष, हों भू पर काबिज
हर बाधा को हर ले जाता, नाम कृष्ण का।
गोकुल-मथुरा मध्य उफनती, यमुना का जल
पुरा काल से याद दिलाता, नाम कृष्ण का।
भादों में जब कृष्ण जन्म का, पर्व मनाते
भारत-भू पावन कर जाता, नाम कृष्ण का।
यूँ तो हैं भगवान ‘कल्पना’ सभी बराबर
पर खुद से पहचान कराता, नाम कृष्ण का।
-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
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-कल्पना रामानी