कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ८४ / २०४ № 84 of 204 रचना ८४ / २०४
१२ अप्रैल २०१५ 12 April 2015 १२ अप्रैल २०१५

हमें रसातल दिखा रही कुदरत hamen rasaatal dikhaa rahee kudarat हमें रसातल दिखा रही कुदरत

हरी

चदरिया तहा रही कुदरत

सबक

हमें अब सिखा रही कुदरत

विष-बेलें

तो हमने ही बोईं

उनका ही विष पिला रही कुदरत

उँगली-इशारा देख

न पाए हम

अब

उँगली पर नचा रही कुदरत

धूल

बना दी हमने नम माटी

हमें

धूल अब चटा रही कुदरत

हमने

उसका रस निचोड़ डाला

हमें

रसातल दिखा रही कुदरत

हाथ

छुड़ाया उससे मैत्री का

अब

तो छक्के छुड़ा रही कुदरत

हमने

उसके लिए कुआँ खोदा

खाई

में हमें धका रही कुदरत

हमने 'कल्पना' उसे सताया है

अब हमको ही सता रही कुदरत

- कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

haree

chadariyaa tahaa rahee kudarat

·

sabak

hamen ab sikhaa rahee kudarat

·

wish-belen

to hamane hee boeen

·

unakaa hee wish pilaa rahee kudarat

·

ungalee-ishaaraa dekh

n paae ham

·

ab

ungalee par nachaa rahee kudarat

·

dhool

banaa dee hamane nam maatee

·

hamen

dhool ab chataa rahee kudarat

·

hamane

usakaa ras nichod daalaa

·

hamen

rasaatal dikhaa rahee kudarat

·

haath

chudaayaa usase maitree kaa

·

ab

to chakke chudaa rahee kudarat

·

hamane

usake lie kuaan khodaa

·

khaaee

men hamen dhakaa rahee kudarat

·

hamane 'kalpanaa' use sataayaa hai

·

ab hamako hee sataa rahee kudarat

·

- kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

हरी

चदरिया तहा रही कुदरत

सबक

हमें अब सिखा रही कुदरत

विष-बेलें

तो हमने ही बोईं

उनका ही विष पिला रही कुदरत

उँगली-इशारा देख

न पाए हम

अब

उँगली पर नचा रही कुदरत

धूल

बना दी हमने नम माटी

हमें

धूल अब चटा रही कुदरत

हमने

उसका रस निचोड़ डाला

हमें

रसातल दिखा रही कुदरत

हाथ

छुड़ाया उससे मैत्री का

अब

तो छक्के छुड़ा रही कुदरत

हमने

उसके लिए कुआँ खोदा

खाई

में हमें धका रही कुदरत

हमने 'कल्पना' उसे सताया है

अब हमको ही सता रही कुदरत

- कल्पना रामानी

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗