मातृ-शक्ति की छाँव maatrii-shakti kee chaanv मातृ-शक्ति की छाँव
सकल
विश्व में फैली चारों ओर जीव हित।
मंगलकारी
मातृ-शक्ति की छाँव अपरिमित।
जब-जब
आती पाप-लोभ की बाढ़ जगत में
नव-दुर्गा
तब प्राण हमारे करती रक्षित।
मनता
जब नवरात्रि-पर्व हर साल देश में
दिव्य
प्रभा से मिट जाता सारा तम दूषित।
घटस्थापना, जगराते, माहौल बनाते
जिसमें
होते सकल दुष्टतम भाव विसर्जित।
चलता
दौर उपवास भजन का जब तक घर-घर
माँ
देवी से माँगे जाते, वर मनवांछित।
देशबंधुओं, नाम देश का पर्वों
से ही
विश्व-फ़लक
पर स्वर्ण अक्षरों में है अंकित।
अमर
रहें ये परम्पराएँ, युगों “कल्पना”
अजर
रहे यह संस्कारों की ज्योत-अखंडित।
-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
sakal
wishv men phailee chaaron or jeew hit
mangalakaaree
maatrii-shakti kee chaanv aparimit
jab-jab
aatee paap-lobh kee baaढ़ jagat men
naw-durgaa
tab praan hamaare karatee rakshit
manataa
jab nawaraatri-parv har saal desh men
divy
prabhaa se mit jaataa saaraa tam dooshit
ghatasthaapanaa, jagaraate, maahaul banaate
jisamen
hote sakal dushtatam bhaaw wisarjit
chalataa
daur upawaas bhajan kaa jab tak ghar-ghar
maan
dewee se maange jaate, war manawaanchit
deshabandhuon, naam desh kaa parvon
se hee
wishv-falak
par svarn aksharon men hai ankit
amar
rahen ye paramparaaen, yugon “kalpanaa”
ajar
rahe yah sanskaaron kee jyot-akhandit
-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
सकल
विश्व में फैली चारों ओर जीव हित।
मंगलकारी
मातृ-शक्ति की छाँव अपरिमित।
जब-जब
आती पाप-लोभ की बाढ़ जगत में
नव-दुर्गा
तब प्राण हमारे करती रक्षित।
मनता
जब नवरात्रि-पर्व हर साल देश में
दिव्य
प्रभा से मिट जाता सारा तम दूषित।
घटस्थापना, जगराते, माहौल बनाते
जिसमें
होते सकल दुष्टतम भाव विसर्जित।
चलता
दौर उपवास भजन का जब तक घर-घर
माँ
देवी से माँगे जाते, वर मनवांछित।
देशबंधुओं, नाम देश का पर्वों
से ही
विश्व-फ़लक
पर स्वर्ण अक्षरों में है अंकित।
अमर
रहें ये परम्पराएँ, युगों “कल्पना”
अजर
रहे यह संस्कारों की ज्योत-अखंडित।
-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी