कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना २२ / ११४ № 22 of 114 रचना २२ / ११४
१५ अक्तूबर २०१६ 15 October 2016 १५ अक्तूबर २०१६

गागर में सागर-५ लघुकथाएँ gaagar men saagar-5 laghukathaaen गागर में सागर-५ लघुकथाएँ

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सहेलियाँ

गहरे मेकअप और वज़नदार वस्त्राभूषणों से लदी-फँदी ये

चारों सहेलियाँ वैसे तो मिलते ही चहकने लगती थीं और बातों से फुर्सत ही नहीं मिलती

थी, लेकिन आज पास-पास बैठी होने के बावजूद इन्हें

आपस में बातें करने की फुर्सत नहीं थी क्योंकि आज वे एक विवाह समारोह में शामिल

होने के लिए आई थीं। लेकिन हाँ, बार-बार

अपने पर्स से छोटा सा आइना निकालकर विभिन्न कोणों से खुद को निहारने के बाद कुछ

सुनने की

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saheliyaan

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gahare mekaap aur wazanadaar wastraabhooshanon se ladee-phandee ye

chaaron saheliyaan waise to milate hee chahakane lagatee theen aur baaton se phursat hee naheen milatee

thee, lekin aaj paas-paas baithee hone ke baawajood inhen

aapas men baaten karane kee phursat naheen thee kyonki aaj we ek wiwaah samaaroh men shaamil

hone ke lie aaee theen lekin haan, baar-baar

apane pars se chotaa saa aainaa nikaalakar wibhinn konon se khud ko nihaarane ke baad kuch

sunane kee

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सहेलियाँ

गहरे मेकअप और वज़नदार वस्त्राभूषणों से लदी-फँदी ये

चारों सहेलियाँ वैसे तो मिलते ही चहकने लगती थीं और बातों से फुर्सत ही नहीं मिलती

थी, लेकिन आज पास-पास बैठी होने के बावजूद इन्हें

आपस में बातें करने की फुर्सत नहीं थी क्योंकि आज वे एक विवाह समारोह में शामिल

होने के लिए आई थीं। लेकिन हाँ, बार-बार

अपने पर्स से छोटा सा आइना निकालकर विभिन्न कोणों से खुद को निहारने के बाद कुछ

सुनने की

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗