कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १५ / २०५ № 15 of 205 रचना १५ / २०५
६ सितम्बर २०१३ 6 September 2013 ६ सितम्बर २०१३

गाथा कृष्ण की//गज़ल// gaathaa kriishn kee//gazal// गाथा कृष्ण की//गज़ल//

फिर सुनी पावन

पुरा-कालीन गाथा कृष्ण की।

॥

जो सदा है मोक्षदाई, द्वार, महिमा कृष्ण

की।

॥

विष्णु के अवतार

जन्में, पापियों के नाश को

॥

थे चकित भूलोक वासी, देख माया

कृष्ण की।

॥

देवकी-वसुदेव सुत, गोकुल में

खेले औ बढ़े

॥

गूँजती गलियों में थी, प्यारी

मुरलिया कृष्ण की।

॥

जब बने राजा बसाई, एक नगरी द्वारका

॥

और देवी रुक्मिणी, कहलाई भामा

कृष्ण की।

॥

सारथी बन, वीर अर्जुन, के बढ़ाए हौसले

॥

युद्ध के मैदान में

फहरी पताका कृष्ण की।

॥

जो दिये उपदेश उनका, सार कवियों ने

रचा।

॥

ग्रंथ-गीता में निहित

वो, ज्ञानगंगा कृष्ण की।

॥

जन्म-उत्सव साल हर, जन-जन मनाता

देश में

॥

झाँकियों में दृष्ट

होती, रास-लीला कृष्ण की।

॥

मटकियाँ माखन दही की, टाँग हर

चौराहे पर

॥

फोड़ कर, दुहराई जाती, बाल क्रीडा

कृष्ण की।

॥

गाँव-गोकुल, तीर यमुना, सून सब मोहन

बिना

॥

नारियाँ-नर याद करते, प्रीत राधा

कृष्ण की।

॥

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

phir sunee paawan

puraa-kaaleen gaathaa kriishn kee

·

jo sadaa hai mokshadaaee, dvaar, mahimaa kriishn

kee

·

wishnu ke awataar

janmen, paapiyon ke naash ko

·

the chakit bhoolok waasee, dekh maayaa

kriishn kee

·

dewakee-wasudew sut, gokul men

khele au bढ़e

·

goonjatee galiyon men thee, pyaaree

muraliyaa kriishn kee

·

jab bane raajaa basaaee, ek nagaree dvaarakaa

·

aur dewee rukminee, kahalaaee bhaamaa

kriishn kee

·

saarathee ban, weer arjun, ke bढ़aae hausale

·

yuddh ke maidaan men

phaharee pataakaa kriishn kee

·

jo diye upadesh unakaa, saar kawiyon ne

rachaa

·

granth-geetaa men nihit

wo, jnaanagangaa kriishn kee

·

janm-utsaw saal har, jan-jan manaataa

desh men

·

jhaankiyon men driisht

hotee, raas-leelaa kriishn kee

·

matakiyaan maakhan dahee kee, taang har

chauraahe par

·

phod kar, duharaaee jaatee, baal kreedaa

kriishn kee

·

gaanv-gokul, teer yamunaa, soon sab mohan

binaa

·

naariyaan-nar yaad karate, preet raadhaa

kriishn kee

·

-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

फिर सुनी पावन

पुरा-कालीन गाथा कृष्ण की।

॥

जो सदा है मोक्षदाई, द्वार, महिमा कृष्ण

की।

॥

विष्णु के अवतार

जन्में, पापियों के नाश को

॥

थे चकित भूलोक वासी, देख माया

कृष्ण की।

॥

देवकी-वसुदेव सुत, गोकुल में

खेले औ बढ़े

॥

गूँजती गलियों में थी, प्यारी

मुरलिया कृष्ण की।

॥

जब बने राजा बसाई, एक नगरी द्वारका

॥

और देवी रुक्मिणी, कहलाई भामा

कृष्ण की।

॥

सारथी बन, वीर अर्जुन, के बढ़ाए हौसले

॥

युद्ध के मैदान में

फहरी पताका कृष्ण की।

॥

जो दिये उपदेश उनका, सार कवियों ने

रचा।

॥

ग्रंथ-गीता में निहित

वो, ज्ञानगंगा कृष्ण की।

॥

जन्म-उत्सव साल हर, जन-जन मनाता

देश में

॥

झाँकियों में दृष्ट

होती, रास-लीला कृष्ण की।

॥

मटकियाँ माखन दही की, टाँग हर

चौराहे पर

॥

फोड़ कर, दुहराई जाती, बाल क्रीडा

कृष्ण की।

॥

गाँव-गोकुल, तीर यमुना, सून सब मोहन

बिना

॥

नारियाँ-नर याद करते, प्रीत राधा

कृष्ण की।

॥

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗