कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ४३ / ६३ № 43 of 63 रचना ४३ / ६३
१९ सितम्बर २०१४ 19 September 2014 १९ सितम्बर २०१४

कुण्डलिया छंद के मूलभूत नियम kundaliyaa chand ke moolabhoot niyam कुण्डलिया छंद के मूलभूत नियम

कुण्डलिया छंद-विधान कुण्डलिया मात्रिक छंद है। यह एक दोहा और दो रोला के मेल से बनता है। इसके प्रथम दो चरण दोहा के होते हैं और बाद के चार चरण रोला छंद के होते हैं। इस प्रकार कुण्डलिया छह चरणों में लिखा जाता है और इसके प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं, किन्तु इनका क्रम सभी चरणों में समान नहीं होता। दोहा के प्रथम एवं तृतीय चरण में जहाँ 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती

kundaliyaa chand-widhaan kundaliyaa maatrik chand hai yah ek dohaa aur do rolaa ke mel se banataa hai isake pratham do charan dohaa ke hote hain aur baad ke chaar charan rolaa chand ke hote hain is prakaar kundaliyaa chah charanon men likhaa jaataa hai aur isake pratyek charan men 24 maatraaen hotee hain, kintu inakaa kram sabhee charanon men samaan naheen hotaa dohaa ke pratham ewan triiteey charan men jahaan 13-13 maatraaen tathaa doosare aur chauthe charan men 11-11 maatraaen hotee

कुण्डलिया छंद-विधान कुण्डलिया मात्रिक छंद है। यह एक दोहा और दो रोला के मेल से बनता है। इसके प्रथम दो चरण दोहा के होते हैं और बाद के चार चरण रोला छंद के होते हैं। इस प्रकार कुण्डलिया छह चरणों में लिखा जाता है और इसके प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं, किन्तु इनका क्रम सभी चरणों में समान नहीं होता। दोहा के प्रथम एवं तृतीय चरण में जहाँ 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗