कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १२४ / २०५ № 124 of 205 रचना १२४ / २०५
१२ अप्रैल २०१६ 12 April 2016 १२ अप्रैल २०१६

आज की बेटी aaj kee betee आज की बेटी

नई

सदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी

॥

बेटों

से भी धनी आज की बेटी होगी।

॥

मिटा

माथ से अब अपने ‘अबला’ का लेबल

॥

दुर्गा, काली, या ‘झाँसी की रानी’ होगी।

॥

अब अधिकार नहीं होगा मर्दों का केवल

॥

कुर्सी

पर काबिज हक़ से नारी भी होगी।

॥

बोलेंगे

हड़ताल अनशन बेटी के हक़ में

॥

समाचार-पत्रों

पर ‘बिटिया’ छाई होगी।

॥

कुत्सित

नज़रें छू भी लें अगर, बिटिया को तो

॥

उन

नज़रों को अपनी आब गँवानी होगी।

॥

करने समर्पित, बेटी को यह सदी ‘कल्पना’

॥

नित्य

कलम को नूतन ग़ज़ल रचानी होगी।

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

naee

sadee kee hawaa bandhuon aisee hogee

·

beton

se bhee dhanee aaj kee betee hogee

·

mitaa

maath se ab apane ‘abalaa’ kaa lebal

·

durgaa, kaalee, yaa ‘jhaansee kee raanee’ hogee

·

ab adhikaar naheen hogaa mardon kaa kewal

·

kursee

par kaabij haq se naaree bhee hogee

·

bolenge

hadataal anashan betee ke haq men

·

samaachaar-patron

par ‘bitiyaa’ chaaee hogee

·

kutsit

nazaren choo bhee len agar, bitiyaa ko to

·

un

nazaron ko apanee aab ganvaanee hogee

·

karane samarpit, betee ko yah sadee ‘kalpanaa’

·

nity

kalam ko nootan gazal rachaanee hogee

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

नई

सदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी

॥

बेटों

से भी धनी आज की बेटी होगी।

॥

मिटा

माथ से अब अपने ‘अबला’ का लेबल

॥

दुर्गा, काली, या ‘झाँसी की रानी’ होगी।

॥

अब अधिकार नहीं होगा मर्दों का केवल

॥

कुर्सी

पर काबिज हक़ से नारी भी होगी।

॥

बोलेंगे

हड़ताल अनशन बेटी के हक़ में

॥

समाचार-पत्रों

पर ‘बिटिया’ छाई होगी।

॥

कुत्सित

नज़रें छू भी लें अगर, बिटिया को तो

॥

उन

नज़रों को अपनी आब गँवानी होगी।

॥

करने समर्पित, बेटी को यह सदी ‘कल्पना’

॥

नित्य

कलम को नूतन ग़ज़ल रचानी होगी।

॥

-कल्पना रामानी

॥

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-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗