आज की बेटी aaj kee betee आज की बेटी
नई
सदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी
बेटों
से भी धनी आज की बेटी होगी।
मिटा
माथ से अब अपने ‘अबला’ का लेबल
दुर्गा, काली, या ‘झाँसी की रानी’ होगी।
अब अधिकार नहीं होगा मर्दों का केवल
कुर्सी
पर काबिज हक़ से नारी भी होगी।
बोलेंगे
हड़ताल अनशन बेटी के हक़ में
समाचार-पत्रों
पर ‘बिटिया’ छाई होगी।
कुत्सित
नज़रें छू भी लें अगर, बिटिया को तो
उन
नज़रों को अपनी आब गँवानी होगी।
करने समर्पित, बेटी को यह सदी ‘कल्पना’
नित्य
कलम को नूतन ग़ज़ल रचानी होगी।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
naee
sadee kee hawaa bandhuon aisee hogee
beton
se bhee dhanee aaj kee betee hogee
mitaa
maath se ab apane ‘abalaa’ kaa lebal
durgaa, kaalee, yaa ‘jhaansee kee raanee’ hogee
ab adhikaar naheen hogaa mardon kaa kewal
kursee
par kaabij haq se naaree bhee hogee
bolenge
hadataal anashan betee ke haq men
samaachaar-patron
par ‘bitiyaa’ chaaee hogee
kutsit
nazaren choo bhee len agar, bitiyaa ko to
un
nazaron ko apanee aab ganvaanee hogee
karane samarpit, betee ko yah sadee ‘kalpanaa’
nity
kalam ko nootan gazal rachaanee hogee
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
नई
सदी की हवा बंधुओं ऐसी होगी
बेटों
से भी धनी आज की बेटी होगी।
मिटा
माथ से अब अपने ‘अबला’ का लेबल
दुर्गा, काली, या ‘झाँसी की रानी’ होगी।
अब अधिकार नहीं होगा मर्दों का केवल
कुर्सी
पर काबिज हक़ से नारी भी होगी।
बोलेंगे
हड़ताल अनशन बेटी के हक़ में
समाचार-पत्रों
पर ‘बिटिया’ छाई होगी।
कुत्सित
नज़रें छू भी लें अगर, बिटिया को तो
उन
नज़रों को अपनी आब गँवानी होगी।
करने समर्पित, बेटी को यह सदी ‘कल्पना’
नित्य
कलम को नूतन ग़ज़ल रचानी होगी।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी