कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ९५ / २०४ № 95 of 204 रचना ९५ / २०४
१९ जून २०१५ 19 June 2015 १९ जून २०१५

बरसे मेघ चलो तन धो लो barase megh chalo tan dho lo बरसे मेघ चलो तन धो लो

बरसे

मेघ, चलो तन धो लो

पर

पहले मैला मन धो लो

नज़र-समेटो

मेह, नेह का

वृथा-व्यथा

का आँजन धो लो

कालिख

लगी जहाँ चेहरे पर

नकब

उतारो आनन धो लो

ताक

रहे क्यों दूजों के घर

पहले

अपना आँगन धो लो

साँसें

सिसक रहीं तुलसी की

मिले

उसे ज्यों धड़कन, धो लो

दाग

‘कल्पना’ रहे न बाकी

कुछ

इस तरह अपनापन धो लो

-कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

barase

megh, chalo tan dho lo

·

par

pahale mailaa man dho lo

·

nazar-sameto

meh, neh kaa

·

wriithaa-wyathaa

kaa aanjan dho lo

·

kaalikh

lagee jahaan chehare par

·

nakab

utaaro aanan dho lo

·

taak

rahe kyon doojon ke ghar

·

pahale

apanaa aangan dho lo

·

saansen

sisak raheen tulasee kee

·

mile

use jyon dhadakan, dho lo

·

daag

‘kalpanaa’ rahe n baakee

·

kuch

is tarah apanaapan dho lo

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

बरसे

मेघ, चलो तन धो लो

पर

पहले मैला मन धो लो

नज़र-समेटो

मेह, नेह का

वृथा-व्यथा

का आँजन धो लो

कालिख

लगी जहाँ चेहरे पर

नकब

उतारो आनन धो लो

ताक

रहे क्यों दूजों के घर

पहले

अपना आँगन धो लो

साँसें

सिसक रहीं तुलसी की

मिले

उसे ज्यों धड़कन, धो लो

दाग

‘कल्पना’ रहे न बाकी

कुछ

इस तरह अपनापन धो लो

-कल्पना रामानी

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗