बरसे मेघ चलो तन धो लो barase megh chalo tan dho lo बरसे मेघ चलो तन धो लो
बरसे
मेघ, चलो तन धो लो
पर
पहले मैला मन धो लो
नज़र-समेटो
मेह, नेह का
वृथा-व्यथा
का आँजन धो लो
कालिख
लगी जहाँ चेहरे पर
नकब
उतारो आनन धो लो
ताक
रहे क्यों दूजों के घर
पहले
अपना आँगन धो लो
साँसें
सिसक रहीं तुलसी की
मिले
उसे ज्यों धड़कन, धो लो
दाग
‘कल्पना’ रहे न बाकी
कुछ
इस तरह अपनापन धो लो
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
barase
megh, chalo tan dho lo
par
pahale mailaa man dho lo
nazar-sameto
meh, neh kaa
wriithaa-wyathaa
kaa aanjan dho lo
kaalikh
lagee jahaan chehare par
nakab
utaaro aanan dho lo
taak
rahe kyon doojon ke ghar
pahale
apanaa aangan dho lo
saansen
sisak raheen tulasee kee
mile
use jyon dhadakan, dho lo
daag
‘kalpanaa’ rahe n baakee
kuch
is tarah apanaapan dho lo
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
बरसे
मेघ, चलो तन धो लो
पर
पहले मैला मन धो लो
नज़र-समेटो
मेह, नेह का
वृथा-व्यथा
का आँजन धो लो
कालिख
लगी जहाँ चेहरे पर
नकब
उतारो आनन धो लो
ताक
रहे क्यों दूजों के घर
पहले
अपना आँगन धो लो
साँसें
सिसक रहीं तुलसी की
मिले
उसे ज्यों धड़कन, धो लो
दाग
‘कल्पना’ रहे न बाकी
कुछ
इस तरह अपनापन धो लो
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
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-कल्पना रामानी