कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १२० / २०५ № 120 of 205 रचना १२० / २०५
२५ मार्च २०१६ 25 March 2016 २५ मार्च २०१६

रानी बिटिया raanee bitiyaa रानी बिटिया

नई

सदी लिक्खेगी शक्त कहानी, ‘बिटिया’।

॥

राज

करेगी युगों युगों तक, प्यारी बिटिया।

॥

नयन-नेह

से उसके,

महकेगा

हर आँगन

॥

चाहेंगे

अपने घर में सब,

रानी

बिटिया।

॥

पुरस्कार, सम्मान चरण

चूमेंगे आकर

॥

अंबर

का ध्रुव तारा बन, चमकेगी बिटिया।

॥

गर्वित

होंगे पालक,

सुन

उसकी यश-गाथा

॥

शीश

उठाकर कहा करेंगे ‘मेरी बिटिया’।

॥

दाम

बढ़ा लेंगे निज,

तब

कागज़-स्याही,

जब

॥

काव्य-ग्रंथ-पृष्ठों

में छाई होगी,

‘बिटिया’।

॥

गीत-छंद

बेटी का ही गुणगान करेंगे

॥

गज़लों

को भी देगी नव्य रवानी, ‘बिटिया’।

॥

कहनी

इतनी बात,

सुता

होगी घर-घर में

॥

और

'कल्पना' हर नारी चाहेगी, ‘बिटिया’।

॥

-कल्पना रामानी

॥

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

naee

sadee likkhegee shakt kahaanee, ‘bitiyaa’

·

raaj

karegee yugon yugon tak, pyaaree bitiyaa

·

nayan-neh

se usake,

mahakegaa

har aangan

·

chaahenge

apane ghar men sab,

raanee

bitiyaa

·

puraskaar, sammaan charan

choomenge aakar

·

anbar

kaa dhruw taaraa ban, chamakegee bitiyaa

·

garvit

honge paalak,

sun

usakee yash-gaathaa

·

sheesh

uthaakar kahaa karenge ‘meree bitiyaa’

·

daam

bढ़aa lenge nij,

tab

kaagaz-syaahee,

jab

·

kaavy-granth-priishthon

men chaaee hogee,

‘bitiyaa’

·

geet-chand

betee kaa hee gunagaan karenge

·

gazalon

ko bhee degee navy rawaanee, ‘bitiyaa’

·

kahanee

itanee baat,

sutaa

hogee ghar-ghar men

·

aur

'kalpanaa' har naaree chaahegee, ‘bitiyaa’

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

नई

सदी लिक्खेगी शक्त कहानी, ‘बिटिया’।

॥

राज

करेगी युगों युगों तक, प्यारी बिटिया।

॥

नयन-नेह

से उसके,

महकेगा

हर आँगन

॥

चाहेंगे

अपने घर में सब,

रानी

बिटिया।

॥

पुरस्कार, सम्मान चरण

चूमेंगे आकर

॥

अंबर

का ध्रुव तारा बन, चमकेगी बिटिया।

॥

गर्वित

होंगे पालक,

सुन

उसकी यश-गाथा

॥

शीश

उठाकर कहा करेंगे ‘मेरी बिटिया’।

॥

दाम

बढ़ा लेंगे निज,

तब

कागज़-स्याही,

जब

॥

काव्य-ग्रंथ-पृष्ठों

में छाई होगी,

‘बिटिया’।

॥

गीत-छंद

बेटी का ही गुणगान करेंगे

॥

गज़लों

को भी देगी नव्य रवानी, ‘बिटिया’।

॥

कहनी

इतनी बात,

सुता

होगी घर-घर में

॥

और

'कल्पना' हर नारी चाहेगी, ‘बिटिया’।

॥

-कल्पना रामानी

॥

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗