कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ११९ / २०४ № 119 of 204 रचना ११९ / २०४
२५ मार्च २०१६ 25 March 2016 २५ मार्च २०१६

रानी बिटिया raanee bitiyaa रानी बिटिया

नई

सदी लिक्खेगी शक्त कहानी, ‘बिटिया’।

राज

करेगी युगों युगों तक, प्यारी बिटिया।

नयन-नेह

से उसके,

महकेगा

हर आँगन

चाहेंगे

अपने घर में सब,

रानी

बिटिया।

पुरस्कार, सम्मान चरण

चूमेंगे आकर

अंबर

का ध्रुव तारा बन, चमकेगी बिटिया।

गर्वित

होंगे पालक,

सुन

उसकी यश-गाथा

शीश

उठाकर कहा करेंगे ‘मेरी बिटिया’।

दाम

बढ़ा लेंगे निज,

तब

कागज़-स्याही,

जब

काव्य-ग्रंथ-पृष्ठों

में छाई होगी,

‘बिटिया’।

गीत-छंद

बेटी का ही गुणगान करेंगे

गज़लों

को भी देगी नव्य रवानी, ‘बिटिया’।

कहनी

इतनी बात,

सुता

होगी घर-घर में

और

'कल्पना' हर नारी चाहेगी, ‘बिटिया’।

-कल्पना रामानी

प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

naee

sadee likkhegee shakt kahaanee, ‘bitiyaa’

·

raaj

karegee yugon yugon tak, pyaaree bitiyaa

·

nayan-neh

se usake,

mahakegaa

har aangan

·

chaahenge

apane ghar men sab,

raanee

bitiyaa

·

puraskaar, sammaan charan

choomenge aakar

·

anbar

kaa dhruw taaraa ban, chamakegee bitiyaa

·

garvit

honge paalak,

sun

usakee yash-gaathaa

·

sheesh

uthaakar kahaa karenge ‘meree bitiyaa’

·

daam

bढ़aa lenge nij,

tab

kaagaz-syaahee,

jab

·

kaavy-granth-priishthon

men chaaee hogee,

‘bitiyaa’

·

geet-chand

betee kaa hee gunagaan karenge

·

gazalon

ko bhee degee navy rawaanee, ‘bitiyaa’

·

kahanee

itanee baat,

sutaa

hogee ghar-ghar men

·

aur

'kalpanaa' har naaree chaahegee, ‘bitiyaa’

·

-kalpanaa raamaanee

·

protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

नई

सदी लिक्खेगी शक्त कहानी, ‘बिटिया’।

राज

करेगी युगों युगों तक, प्यारी बिटिया।

नयन-नेह

से उसके,

महकेगा

हर आँगन

चाहेंगे

अपने घर में सब,

रानी

बिटिया।

पुरस्कार, सम्मान चरण

चूमेंगे आकर

अंबर

का ध्रुव तारा बन, चमकेगी बिटिया।

गर्वित

होंगे पालक,

सुन

उसकी यश-गाथा

शीश

उठाकर कहा करेंगे ‘मेरी बिटिया’।

दाम

बढ़ा लेंगे निज,

तब

कागज़-स्याही,

जब

काव्य-ग्रंथ-पृष्ठों

में छाई होगी,

‘बिटिया’।

गीत-छंद

बेटी का ही गुणगान करेंगे

गज़लों

को भी देगी नव्य रवानी, ‘बिटिया’।

कहनी

इतनी बात,

सुता

होगी घर-घर में

और

'कल्पना' हर नारी चाहेगी, ‘बिटिया’।

-कल्पना रामानी

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗